धूप, तनाव और गलत खानपान से बिगड़ता है स्किन का पीएच बैलेंस, हो सकती है मुंहासे-रूखेपन की समस्या
नई दिल्ली, 23 मई (आईएएनएस)। आजकल लोग चमकदार और स्वस्थ त्वचा पाने के लिए तरह-तरह के ब्यूटी प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करते हैं, लेकिन सिर्फ बाहरी चमक ही अच्छी स्किन की निशानी नहीं होती। अगर आपका स्किन का पीएच बैलेंस है, तो यह स्वस्थ होने की निशानी है। त्वचा का पीएच स्तर बिगड़ जाने पर रूखापन, जलन, मुंहासे, एलर्जी और समय से पहले बूढ़ी दिखने जैसी परेशानियां शुरू हो जाती हैं।
दरअसल, पीएच यह बताता है कि कोई चीज कितनी एसिडिक है या कितनी अल्कलाइन है। इसे 0 से 14 के पैमाने पर मापा जाता है। अगर किसी चीज का पीएच 7 है तो उसे सामान्य माना जाता है। 7 से कम स्तर एसिडिक और 7 से ऊपर अल्कलाइन माना जाता है।
वैज्ञानिकों के अनुसार, इंसानी त्वचा का प्राकृतिक पीएच हल्का एसिडिक होता है। आमतौर पर यह 4.5 से 5.5 के बीच बेहतर माना जाता है। इसी वजह से त्वचा के ऊपर एक पतली सुरक्षा परत बनी रहती है, जिसे स्किन बैरियर कहा जाता है। यह परत बैक्टीरिया, धूल, प्रदूषण और हानिकारक तत्वों से त्वचा को बचाने का काम करती है।
डॉक्टरों का कहना है कि अगर त्वचा का पीएच बैलेंस रहे तो त्वचा में नमी बनी रहती है और स्किन मुलायम होती है, लेकिन जब यह संतुलन बिगड़ने लगता है, तब समस्याएं धीरे-धीरे बढ़ने लगती हैं। बहुत ज्यादा साबुन, तेज केमिकल वाले फेसवॉश या बार-बार चेहरा धोने से त्वचा का प्राकृतिक तेल कम होने लगता है। इससे स्किन सूखी और सेंसिटिव हो सकती है। दूसरी तरफ, कुछ लोगों में ज्यादा ऑयल बनने लगता है, जिससे मुंहासों और पिंपल्स की समस्या बढ़ सकती है।
मेडिकल रिसर्च की मानें तो उम्र, मौसम, खानपान और तनाव जैसी चीजें भी स्किन पीएच पर असर डालती हैं। गर्मियों में पसीना और धूप त्वचा को प्रभावित करते हैं, जबकि सर्दियों में त्वचा ज्यादा रूखी हो सकती है। इसके अलावा नींद की कमी और गलत खानपान भी त्वचा की सुरक्षा परत को कमजोर कर सकते हैं। कई बार लोग बिना समझे ऐसे प्रोडक्ट इस्तेमाल करने लगते हैं, जिनका पीएच त्वचा के लिए सही नहीं होता। इससे चेहरे पर जलन, लालपन और खुजली जैसी परेशानियां शुरू हो सकती हैं।
त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ संकेत ऐसे होते हैं, जिनसे पता चल सकता है कि स्किन का संतुलन बिगड़ रहा है। अगर चेहरा धोने के बाद त्वचा बहुत खिंची हुई महसूस हो, बार-बार खुजली हो, त्वचा अचानक ज्यादा ऑयली या बहुत रूखी हो जाए, या चेहरे पर बार-बार मुंहासे निकलने लगें, तो यह पीएच बैलेंस के बिगड़ने का संकेत हो सकता है। ऐसे मामलों में डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर माना जाता है।
धूप भी त्वचा के पीएच को प्रभावित कर सकती है। इसलिए विशेषज्ञ रोजाना सनस्क्रीन लगाने की सलाह देते हैं। इसके अलावा, पर्याप्त पानी पीना, पौष्टिक भोजन खाना और अच्छी नींद लेना भी स्वस्थ त्वचा के लिए जरूरी माना जाता है।
--आईएएनएस
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