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Cancer Prevention Tips: इन रोजमर्रा की आदतों में करें बदलाव, कम हो सकता है कैंसर का खतरा
 

 


कैंसर का नाम सुनते ही ज्यादातर लोगों के मन में डर पैदा हो जाता है। यह कई गंभीर बीमारियों में शामिल है और इसके अलग-अलग प्रकारों के कारण दुनियाभर में बड़ी संख्या में लोग प्रभावित होते हैं। हालांकि, कैंसर का खतरा केवल आनुवंशिक कारणों से तय नहीं होता। तंबाकू, शराब, खानपान, शारीरिक गतिविधि और पर्यावरण से जुड़े कई कारक भी जोखिम को प्रभावित कर सकते हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक, जीवनशैली में कुछ स्वस्थ बदलाव करके कई प्रकार के कैंसर के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इन आदतों को अपनाने से कैंसर से पूरी तरह बचने की गारंटी नहीं मिलती।

तंबाकू और धूम्रपान से रहें दूर

धूम्रपान और तंबाकू का सेवन कई प्रकार के कैंसर के प्रमुख जोखिम कारकों में शामिल है। इसका संबंध फेफड़े, मुंह, गले और शरीर के कई अन्य हिस्सों के कैंसर से पाया गया है।

सिर्फ धूम्रपान करने वाला व्यक्ति ही प्रभावित नहीं होता, बल्कि आसपास मौजूद लोगों को भी सेकेंडहैंड स्मोक के संपर्क में आने से नुकसान हो सकता है। इसलिए तंबाकू छोड़ना कैंसर के जोखिम को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अगर इसे छोड़ने में परेशानी हो रही है तो डॉक्टर या विशेषज्ञ की मदद ली जा सकती है।

खानपान पर दें खास ध्यान

स्वस्थ और संतुलित आहार शरीर को बेहतर तरीके से काम करने में मदद करता है। खाने में पर्याप्त मात्रा में फल, सब्जियां, साबुत अनाज और फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ शामिल करना बेहतर माना जाता है।

वहीं अत्यधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ, ज्यादा चीनी, नमक और अस्वास्थ्यकर वसा वाले भोजन का सेवन सीमित करना चाहिए। रेड और प्रोसेस्ड मीट का ज्यादा सेवन भी कुछ प्रकार के कैंसर के बढ़े हुए जोखिम से जुड़ा पाया गया है।

शरीर को रखें एक्टिव

नियमित शारीरिक गतिविधि केवल वजन नियंत्रित करने के लिए ही जरूरी नहीं है, बल्कि यह कई स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को कम करने में भी मदद कर सकती है। रोजाना पैदल चलना, साइकिल चलाना, योग या अपनी क्षमता के अनुसार एक्सरसाइज करना फायदेमंद हो सकता है।

लंबे समय तक बैठे रहने के बजाय दिनभर में छोटे-छोटे अंतराल पर सक्रिय रहना भी अच्छी आदत है।

शराब का सेवन करें सीमित

शराब का सेवन भी कुछ प्रकार के कैंसर के बढ़े हुए जोखिम से जुड़ा हुआ है। इसलिए शराब से दूरी बनाना या इसका सेवन कम करना स्वास्थ्य के लिए बेहतर विकल्प हो सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, शराब का सेवन जितना कम होगा, उससे जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों को उतना ही कम किया जा सकता है।

तनाव को नजरअंदाज न करें

तनाव और कैंसर के बीच सीधा कारण-परिणाम संबंध स्थापित करना आसान नहीं है, लेकिन लगातार तनाव मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल सकता है। इसलिए मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना जरूरी है।

मेडिटेशन, पर्याप्त नींद, संगीत सुनना, किताब पढ़ना, पसंदीदा गतिविधियों के लिए समय निकालना और परिवार या दोस्तों के साथ बातचीत करना तनाव को संभालने में मदद कर सकता है।

हानिकारक रसायनों से रहें सावधान

कामकाज या रोजमर्रा की जिंदगी में कुछ रसायनों के लंबे समय तक संपर्क में रहने से स्वास्थ्य जोखिम बढ़ सकता है। कीटनाशक, कुछ औद्योगिक रसायन और अन्य खतरनाक पदार्थों के संपर्क में आने पर सुरक्षा उपायों का इस्तेमाल करना चाहिए।

किसी भी सामान्य घरेलू उत्पाद को केवल इसलिए कैंसरकारी मान लेना सही नहीं है। इसलिए रसायनों के इस्तेमाल के दौरान उत्पाद के निर्देशों का पालन करना और अनावश्यक संपर्क से बचना जरूरी है।

शरीर में होने वाले बदलावों को न करें नजरअंदाज

कैंसर के कई लक्षण दूसरी सामान्य बीमारियों में भी दिखाई दे सकते हैं। इसके बावजूद शरीर में कोई असामान्य बदलाव लगातार बना रहे तो उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

अचानक वजन कम होना, शरीर में असामान्य गांठ, लंबे समय तक रहने वाली थकान, असामान्य रक्तस्राव या ऐसा घाव जो लंबे समय तक ठीक न हो, जैसे लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

उम्र, पारिवारिक इतिहास और व्यक्तिगत जोखिम के आधार पर डॉक्टर उचित स्क्रीनिंग टेस्ट की सलाह भी दे सकते हैं।

बचाव के साथ समय पर जांच भी जरूरी

कैंसर के खतरे को पूरी तरह खत्म करने का कोई एक तरीका नहीं है। स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के साथ नियमित स्वास्थ्य जांच, उचित स्क्रीनिंग और शरीर में होने वाले असामान्य बदलावों पर ध्यान देना भी महत्वपूर्ण है।

सबसे जरूरी बात यह है कि कैंसर से बचाव के नाम पर किसी एक खाद्य पदार्थ, घरेलू नुस्खे या सप्लीमेंट को चमत्कारी इलाज न समझें। जोखिम कम करने के लिए वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित आदतों को अपनाना और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह लेना सबसे बेहतर तरीका है।