आयुष्मान योजना : चमोली के सीमांत जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की नई दिशा, दुर्गम पहाड़ी इलाकों में मुफ्त इलाज की सुविधा
चमोली, 25 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य पहल आयुष्मान भारत योजना के तहत संचालित आयुष्मान भारत वय वंदना योजना का लाभ उत्तराखंड के सीमांत जनपद चमोली के लोगों को तेजी से मिल रहा है।
दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में बसे इस जिले में अब तक 500 से अधिक पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान और वंदना कार्ड बनाए जा चुके हैं, जिनके माध्यम से जरूरतमंद लोग सूचीबद्ध अस्पतालों में निशुल्क उपचार प्राप्त कर रहे हैं।
लाभार्थी अवल सिंह रावत ने आईएएनएस से बातचीत में बताया कि उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती होना पड़ा, लेकिन आयुष्मान कार्ड के माध्यम से उनका पूरा उपचार निशुल्क हो रहा है। उन्होंने कहा कि पहले इलाज के लिए बाहर जाना और खर्च उठाना कठिन था, लेकिन अब सरकार की इस योजना से बड़ी राहत मिली है।
वहीं, भीम सिंह ने बताया कि उनका स्वास्थ्य काफी समय से खराब चल रहा था और डॉक्टर ने भर्ती होकर इलाज कराने की सलाह दी। आयुष्मान कार्ड के कारण उन्हें सभी जांच और उपचार सुविधाएं मुफ्त मिल रही हैं। उन्होंने सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए लोगों से अपील की कि वे भी आयुष्मान कार्ड बनवाकर योजना का लाभ उठाएं।
पहाड़ी और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच लंबे समय से एक बड़ी चुनौती रही है। अस्पतालों की दूरी, परिवहन की कठिनाइयों और आर्थिक तंगी के कारण कई बार मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता था। हालांकि, आयुष्मान भारत वय वंदना योजना ने इन समस्याओं को काफी हद तक कम किया है। योजना के अंतर्गत बनाए गए कार्ड के जरिए वरिष्ठ नागरिकों और अन्य पात्र लाभार्थियों को भर्ती से लेकर जांच और उपचार तक की सुविधाएं बिना किसी आर्थिक बोझ के मिल रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण कर रही हैं, ताकि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति इस योजना से वंचित न रहे। विशेष रूप से सीमांत और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले बुजुर्गों के प्राथमिकता के आधार पर कार्ड बनाए जा रहे हैं।
आयुष्मान भारत वय वंदना योजना से न केवल आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत मिल रही है, बल्कि सरकार की मंशा के अनुरूप अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का लक्ष्य भी साकार हो रहा है।
--आईएएनएस
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