पटना के डॉक्टरों ने दुर्लभ सर्जरी कर बनाया कीर्तिमान, इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ नाम
पटना, 23 अगस्त (आईएएनएस)। बिहार के चिकित्सा जगत के लिए एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। पटना के दो वरिष्ठ ऑर्थोपेडिक सर्जनों ने घुटने के कैंसर से जूझ रहे एक मरीज की बेहद जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देकर कीर्तिमान स्थापित किया है। इस उपलब्धि को इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया है।
दोनों चिकित्सकों को मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया।
जानकारी के मुताबिक, समस्तीपुर के रहने वाले 60 वर्षीय मरीज के घुटने की हड्डी कैंसर के कारण पूरी तरह खराब हो गई थी। मरीज का देश के अलग-अलग शहरों में कई बार उपचार और सर्जरी हो चुकी थी, लेकिन इसके बावजूद उसकी स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। वह चलने-फिरने में पूरी तरह असमर्थ हो गया था। इसके बाद मरीज का इलाज पटना के प्रसिद्ध ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. निशिकांत और डॉ. सौरभ चौधरी ने संभाला।
कंकड़बाग स्थित मेडिवर्सल अस्पताल में चिकित्सकों की टीम ने अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए मरीज के लिए 545 मिलीमीटर लंबा कस्टमाइज्ड 3डी प्रिंटेड इंप्लांट तैयार किया। इसके बाद इसे सफलतापूर्वक मरीज के शरीर में प्रत्यारोपित किया गया।
चिकित्सकों के मुताबिक, इतनी लंबाई के कस्टमाइज्ड 3डी प्रिंटेड इंप्लांट के साथ इस तरह की सर्जरी का उदाहरण दुनिया में अब तक सामने नहीं आया है। इसी उपलब्धि को इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में स्थान दिया गया है।
सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ और उसने दोबारा चलना शुरू कर दिया। चिकित्सकों का कहना है कि अब वह सामान्य जीवन जी रहा है। इस सफलता को बिहार में आधुनिक चिकित्सा तकनीक और विशेषज्ञता के बढ़ते स्तर के रूप में देखा जा रहा है।
डॉ. निशिकांत ने कहा, “यह सफलता सिर्फ हमारी नहीं, बल्कि पूरे बिहार के चिकित्सा क्षेत्र की उपलब्धि है। अब जटिल बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को दूसरे राज्यों में जाने की जरूरत नहीं है।”
वहीं, डॉ. सौरभ चौधरी ने इस उपलब्धि को पूरी चिकित्सा टीम के सामूहिक प्रयास और आधुनिक तकनीक का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि चुनौतीपूर्ण मामलों में बेहतर योजना, विशेषज्ञ टीम और अत्याधुनिक तकनीक के समन्वय से मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा सकता है।
मेडिवर्सल अस्पताल प्रबंधन ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए दोनों चिकित्सकों और पूरी टीम को बधाई दी। अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि यह उपलब्धि न केवल संस्थान, बल्कि पूरे बिहार के लिए गर्व का विषय है।
--आईएएनएस
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