असुरक्षित खाना बन सकता है कई बीमारियों की वजह, डब्ल्यूएचओ ने पांच आसान और जरूरी उपाय बताए
नई दिल्ली, 7 जून (आईएएनएस)। हर साल 7 जून को विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य लोगों को सुरक्षित और स्वच्छ भोजन के महत्व के प्रति जागरूक करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्वस्थ जीवन के लिए केवल पौष्टिक भोजन ही नहीं, बल्कि उसका सुरक्षित और स्वच्छ होना भी उतना ही जरूरी है। इसी अवसर पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने लोगों को खाद्य जनित बीमारियों से बचाने के लिए पांच महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं।
डब्ल्यूएचओ के अनुसार, असुरक्षित भोजन खाने से 200 से अधिक प्रकार की बीमारियां हो सकती हैं। दूषित भोजन में मौजूद बैक्टीरिया, वायरस, परजीवी और हानिकारक रसायन शरीर में कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकते हैं। ऐसे में भोजन तैयार करने, रखने और खाने के दौरान कुछ जरूरी सावधानियां अपनाना बेहद महत्वपूर्ण है।
संगठन का पहला सुझाव है कि भोजन बनाते समय और खाने से पहले हाथों की अच्छी तरह सफाई की जाए। रसोईघर, बर्तन और खाने वाली चीजों को भी साफ रखना चाहिए। अच्छी स्वच्छता कई प्रकार के संक्रमणों को रोकने में मदद करती है।
दूसरा महत्वपूर्ण सुझाव भोजन को सही तापमान पर सुरक्षित रखने का है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थों को 5 डिग्री सेल्सियस या उससे कम तापमान पर संग्रहित करना चाहिए। इससे भोजन में हानिकारक जीवाणुओं की वृद्धि को रोका जा सकता है।
तीसरा सुझाव है कि भोजन को पूरी तरह और अच्छी तरह पकाया जाए। अधपका भोजन कई बार बैक्टीरिया और अन्य रोगाणुओं का स्रोत बन सकता है। विशेष रूप से समुद्री खाद्य पदार्थों को अच्छी तरह पकाकर ही खाना चाहिए।
डब्ल्यूएचओ का चौथा सुझाव कच्चे और पके हुए भोजन को अलग-अलग रखने का है। यदि दोनों प्रकार के खाद्य पदार्थ एक-दूसरे के संपर्क में आते हैं, तो संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए इनके लिए अलग बर्तन और कटिंग बोर्ड का उपयोग करना बेहतर माना जाता है।
पांचवां और अंतिम सुझाव सुरक्षित पानी और गुणवत्तापूर्ण कच्चे माल के उपयोग से जुड़ा है। भोजन तैयार करते समय स्वच्छ पानी का इस्तेमाल करना चाहिए और ताजी व सुरक्षित खाद्य सामग्री का चयन करना चाहिए। इससे खाने से होने वाली बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
--आईएएनएस
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