16वें भारतीय अंग दान दिवस पर अनुप्रिया पटेल बोलीं- 'अंग दान करुणा का सबसे बड़ा उदाहरण'
नई दिल्ली, 3 अगस्त (आईएएनएस)। देश में 16वां 'भारतीय अंग दान दिवस' सोमवार को नई दिल्ली में धूमधाम से मनाया गया। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत 'नेशनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइज़ेशन' (एनओटीटीओ) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं।
सभा को संबोधित करते हुए अनुप्रिया पटेल ने कहा कि अंग दान करुणा का सबसे बड़ा उदाहरण है, जो अंग खराब होने की अंतिम अवस्था से जूझ रहे मरीजों को जीवन का दूसरा मौका देता है। उन्होंने दिवंगत अंग दाताओं और उनके परिवारों के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया जिनके निस्वार्थ फैसले ने देश को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का असर देश में दिख रहा है। 2023 में राष्ट्रीय डिजिटल प्रतिज्ञा पोर्टल शुरू होने के बाद से पांच लाख से ज्यादा आधार-सत्यापित अंग दान संकल्प दर्ज किए जा चुके हैं।
केंद्रीय मंत्री ने भारत की प्रगति के आंकड़े भी साझा किए। उन्होंने बताया कि 2025 में देश में 20,138 अंग प्रत्यारोपण किए गए, जो एक साल में अब तक की सबसे ज्यादा संख्या है। यह 2013 के 4,990 प्रत्यारोपणों की तुलना में चार गुना और 2024 के 18,911 की तुलना में 6.5 प्रतिशत अधिक है। कुल अंग प्रत्यारोपण की संख्या में भारत अब अमेरिका और चीन के बाद दुनिया में तीसरे स्थान पर है। जीवित दाता से अंग प्रत्यारोपण में भारत की वैश्विक बढ़त बरकरार है। मृत दाता से अंग प्रत्यारोपण भी चार गुना से ज्यादा बढ़े हैं। 2013 में यह संख्या 837 थी जो 2025 में बढ़कर 3,526 हो गई।
उन्होंने कहा कि अंगदान को लेकर गलतफहमियां अब भी बड़ी चुनौती हैं। कोई भी प्रमुख धर्म अंगदान पर रोक नहीं लगाता। सभी धर्म करुणा, सेवा और जीवन बचाने का समर्थन करते हैं। इसलिए अंगदान एक नेक मानवीय कार्य है।
इस अवसर पर कई अहम पहलों की शुरुआत की गई। केंद्रीय मंत्री ने 'जुग जुग जियो अभियान' लॉन्च किया। यह एक साल तक चलने वाला देशव्यापी जागरूकता अभियान है जिसका मकसद अंगदान का संदेश हर समुदाय तक पहुंचाना है। इसके साथ ही 'ई-प्रत्यारोपण' प्लेटफॉर्म और नया एनओटीटीओ मोबाइल ऐप भी शुरू किया गया। ई-प्रत्यारोपण अस्पतालों, डॉक्टरों, दाताओं और प्राप्तकर्ताओं को एक डिजिटल नेटवर्क से जोड़ेगा और रजिस्ट्रेशन, वेट-लिस्ट, आवंटन को पारदर्शी बनाएगा।
कार्यक्रम में 'राष्ट्रीय ब्रेन स्टेम डेथ सर्टिफिकेशन गाइडलाइंस' और 'स्वैप प्रत्यारोपण पर राष्ट्रीय गाइडलाइंस' भी जारी की गईं। ये दिशानिर्देश पूरे देश में प्रक्रियाओं को एक समान बनाने और नीति को बेहतर लागू करने में मदद करेंगे।
स्वास्थ्य सचिव पुण्या सलिला श्रीवास्तव ने बताया कि एनओटीटीओ-आरओटीटीओ-एसओटीटीओ का नेटवर्क अब 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फैल चुका है। एम्स नई दिल्ली के अलावा 10 नए एम्स में किडनी प्रत्यारोपण शुरू हो गया है। एम्स जोधपुर, भुवनेश्वर, पटना और ऋषिकेश में लिवर ट्रांसप्लांट और एम्स भोपाल में हार्ट ट्रांसप्लांट भी शुरू हुआ है।
स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक डॉ. लोवनीश जी. कृष्णा ने कहा कि 3 अगस्त 1994 को एम्स में देश का पहला मृत व्यक्ति से अंग प्रत्यारोपण हुआ था। इसी की याद में यह दिवस मनाया जाता है। उन्होंने लोगों से अंग और ऊतक दान का संकल्प लेने की अपील की।
कार्यक्रम में राज्यों, अस्पतालों और पेशेवरों को 'नेशनल ऑर्गन डोनेशन अवार्ड' दिए गए। तमिलनाडु को सबसे ज्यादा मृतक दाताओं के लिए 'बेस्ट स्टेट' और पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ को 'बेस्ट आरओटीटीओ' का सम्मान मिला। अंत में दिवंगत दाताओं को श्रद्धांजलि दी गई और उनके परिवारों को सम्मानित किया गया।
--आईएएनएस
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