हार्ट अटैक के खतरे की एडवांस वॉर्निंग: डॉक्टरों ने बताया क्यों हर किसी के लिए जरूरी है यह 10-इयर रिस्क टेस्ट
आज के समय में हार्ट अटैक को लेकर लोगों की चिंता बढ़ी है। खासकर ऐसे मामलों की खबरें सामने आती रहती हैं, जब कोई व्यक्ति बिना किसी स्पष्ट चेतावनी के अचानक बीमार पड़ जाता है। हालांकि, हार्ट अटैक का जोखिम केवल अचानक होने वाली घटना नहीं है। शरीर में मौजूद कुछ जोखिम कारकों की पहचान पहले से की जा सकती है और उन्हें नियंत्रित करके हृदय रोग का खतरा कम करने की कोशिश की जा सकती है।इन्हीं जोखिम कारकों में से एक है Lipoprotein(a) यानी Lp(a)। यह खून में मौजूद एक तरह का लिपोप्रोटीन है, जिसका स्तर काफी हद तक आनुवंशिक होता है। अगर इसका स्तर ज्यादा है तो हार्ट अटैक और स्ट्रोक सहित हृदय संबंधी बीमारियों का जोखिम बढ़ सकता है।
क्या है Lipoprotein(a) टेस्ट?
Lp(a) एक साधारण ब्लड टेस्ट के जरिए जांचा जाता है। सामान्य लिपिड प्रोफाइल में Lp(a) की जांच अपने आप शामिल नहीं होती, इसलिए इसके लिए अलग से टेस्ट की जरूरत पड़ सकती है।2026 की ACC/AHA गाइडलाइन के मुताबिक, हर वयस्क में Lp(a) की जांच कम से कम जीवन में एक बार कराने पर विचार किया जाना चाहिए। इसका कारण यह है कि Lp(a) मुख्य रूप से आनुवंशिक होता है और सामान्य तौर पर इसका स्तर लंबे समय तक अपेक्षाकृत स्थिर रहता है।
Lp(a) बढ़ा हुआ हो तो क्या मतलब है?
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, 50 mg/dL या 125 nmol/L या उससे ज्यादा Lp(a) को बढ़ा हुआ माना जाता है। 50 mg/dL से ऊपर स्तर होने पर हृदय रोग और स्ट्रोक का जोखिम बढ़ सकता है। हालांकि, किसी व्यक्ति का वास्तविक जोखिम सिर्फ Lp(a) से तय नहीं होता। उम्र, ब्लड प्रेशर, LDL कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज, धूम्रपान और परिवार में कम उम्र में हृदय रोग का इतिहास जैसे दूसरे कारक भी महत्वपूर्ण हैं।इसलिए रिपोर्ट में Lp(a) बढ़ा हुआ आने का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति को हार्ट अटैक होना तय है। यह डॉक्टर के लिए एक अतिरिक्त रिस्क फैक्टर की जानकारी होती है, जिसके आधार पर बाकी जोखिमों का आकलन किया जाता है।
Lp(a) और ApoA एक ही टेस्ट नहीं हैं
यहां एक जरूरी बात समझना भी जरूरी है। Lipoprotein(a), ApoA और ApoB अलग-अलग चीजें हैं। कई बार लिपिड प्रोफाइल या एडवांस्ड लिपिड टेस्ट में अलग-अलग अपोलिपोप्रोटीन की जांच भी की जाती है।इसलिए अगर आप Lp(a) की जांच कराना चाहते हैं तो टेस्ट का नाम और रिपोर्ट में दर्ज वैल्यू को डॉक्टर या पैथोलॉजिस्ट से जरूर कन्फर्म करें।
अगर Lp(a) ज्यादा है तो क्या करें?
Lp(a) का स्तर मुख्य रूप से जेनेटिक होता है और सामान्य खान-पान या एक्सरसाइज से इसे सीधे काफी कम करना मुश्किल है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि कुछ किया ही नहीं जा सकता।अगर Lp(a) ज्यादा है तो डॉक्टर आमतौर पर LDL कोलेस्ट्रॉल और दूसरे हृदय संबंधी जोखिम कारकों को बेहतर तरीके से नियंत्रित करने पर ध्यान देते हैं। स्वस्थ डाइट, नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद, धूम्रपान से दूरी और वजन को स्वस्थ सीमा में रखना भी महत्वपूर्ण है।2026 ACC/AHA गाइडलाइन भी बढ़े हुए Lp(a) की स्थिति में LDL-C को कम करने और दूसरे जोखिम कारकों के बेहतर प्रबंधन पर जोर देती है। LDL का लक्ष्य हर व्यक्ति के लिए एक जैसा नहीं होता, बल्कि व्यक्ति के कुल cardiovascular risk के आधार पर तय किया जाता है।
किन लोगों को इस टेस्ट पर खास ध्यान देना चाहिए?
अगर परिवार में किसी सदस्य को कम उम्र में हार्ट अटैक, स्ट्रोक या अन्य हृदय संबंधी बीमारी हुई है, या आपको पहले से कोलेस्ट्रॉल अथवा हृदय रोग से जुड़े जोखिम हैं, तो डॉक्टर से Lp(a) टेस्ट के बारे में बात की जा सकती है।ध्यान रखें कि कोई भी एक टेस्ट भविष्य में हार्ट अटैक की गारंटी के साथ भविष्यवाणी नहीं कर सकता। Lp(a) टेस्ट सिर्फ जोखिम का आकलन करने में मदद करता है। रिपोर्ट आने के बाद अपने डॉक्टर से उसकी सही व्याख्या और आगे की जांच या उपचार के बारे में सलाह लेना जरूरी है।