☰
×

मासूम के पेट से निकला 1 किलो बालों का गुच्छा, डॉक्टरों को हैरान कर गया 'रापुंजल सिंड्रोम', जानें क्या है यह अजीब बीमारी

 

केरल से एक बेहद हैरान करने वाला मेडिकल मामला सामने आया है। यहां 9 साल की एक बच्ची के पेट और छोटी आंत से डॉक्टरों ने करीब 1 किलो वजन का बालों का गुच्छा निकालकर उसकी जान बचाई। बच्ची लंबे समय से पेट दर्द और उल्टी जैसी समस्या से परेशान थी। जब तकलीफ लगातार बढ़ी तो परिवार उसे अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां जांच के बाद एक दुर्लभ मेडिकल स्थिति का पता चला।

यह मामला केरल के नेय्याट्टिनकारा स्थित NIMS मेडिसिटी हॉस्पिटल का बताया जा रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक बच्ची के पाचन तंत्र में काफी मात्रा में बाल जमा हो चुके थे और यह गुच्छा पेट से आगे बढ़कर छोटी आंत तक पहुंच गया था।

पेट दर्द और उल्टी को नहीं किया गया नजरअंदाज

रिपोर्ट के मुताबिक बच्ची को काफी समय से पेट में दर्द और उल्टी की शिकायत हो रही थी। शुरुआत में परिवार को भी यह सामान्य पेट की समस्या लग सकती थी, लेकिन जब परेशानी लगातार बनी रही तो उसे अस्पताल लाया गया।

अस्पताल में डॉक्टरों ने बच्ची की जांच शुरू की। शुरुआती जांच में आंतों में रुकावट की आशंका सामने आई। इसके बाद डॉक्टरों ने स्थिति को समझने के लिए अल्ट्रासाउंड, CT स्कैन और एंडोस्कोपी जैसी जांच कराईं।

एंडोस्कोपी में सामने आई चौंकाने वाली तस्वीर

जांच के दौरान डॉक्टरों को पता चला कि बच्ची के पेट में बड़ी मात्रा में बाल जमा हैं। एंडोस्कोपी से यह भी सामने आया कि बालों का यह बड़ा गुच्छा केवल पेट तक सीमित नहीं था, बल्कि छोटी आंत तक फैल चुका था।

इस स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने इसे रैपुंजेल सिंड्रोम से जुड़ा मामला माना और बच्ची के इलाज के लिए सर्जरी करने का फैसला किया।

सर्जरी में निकला करीब 1 किलो बालों का गुच्छा

इसके बाद डॉक्टरों की टीम ने बच्ची की सर्जरी की। ऑपरेशन के दौरान उसके पेट और छोटी आंत से करीब 1 किलोग्राम वजन का बालों का गुच्छा निकाला गया।

इस सर्जरी का नेतृत्व बाल रोग सर्जरी विभाग के वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. बिजू आई. जी. नायर ने किया। सर्जरी सफल रहने के बाद बच्ची की हालत में तेजी से सुधार हुआ।

रिपोर्ट के अनुसार ऑपरेशन के बाद बच्ची सामान्य तरीके से खाना खाने लगी और उसकी तबीयत में सुधार होने के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गई।

आखिर क्या है रैपुंजेल सिंड्रोम?

रैपुंजेल सिंड्रोम एक दुर्लभ मेडिकल स्थिति है। इसमें व्यक्ति बार-बार अपने बाल उखाड़ता या तोड़ता है और फिर उन्हें निगल लेता है। शरीर बालों को सामान्य तरीके से पचा नहीं पाता, इसलिए धीरे-धीरे ये बाल पेट में जमा होने लगते हैं।

समय के साथ बाल एक बड़े और कठोर गुच्छे का रूप ले सकते हैं। मेडिकल भाषा में इसे ट्राइकोबेज़ार कहा जाता है। जब यह बालों का गुच्छा पेट से आगे निकलकर छोटी आंत तक पहुंच जाता है, तो इसे रैपुंजेल सिंड्रोम कहा जाता है।

बीमारी गंभीर क्यों हो सकती है?

अगर पेट में बालों का गुच्छा लगातार बढ़ता रहे तो यह पाचन तंत्र में रुकावट पैदा कर सकता है। इसके कारण पेट दर्द, उल्टी, भूख कम लगना और वजन कम होना जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।

गंभीर मामलों में आंतों में रुकावट के कारण स्थिति और जटिल हो सकती है। इसलिए लंबे समय तक बने रहने वाले पेट दर्द और बार-बार होने वाली उल्टी को सामान्य समस्या मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

बच्चों में ऐसे मामले बेहद दुर्लभ

रैपुंजेल सिंड्रोम को दुर्लभ स्थिति माना जाता है और रिपोर्ट किए गए मामलों में यह विशेष रूप से किशोर लड़कियों में देखा गया है। हालांकि, किसी व्यक्ति में बाल निगलने की आदत के पीछे अलग-अलग कारण हो सकते हैं और हर पेट दर्द या उल्टी का मतलब यह बीमारी नहीं होता।

ऐसे मामलों में डॉक्टर की जांच जरूरी होती है। इस मामले में भी समय पर जांच के बाद डॉक्टरों को समस्या का पता चला और सर्जरी के जरिए बालों का बड़ा गुच्छा निकालकर बच्ची का इलाज किया गया।

केरल का यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि 9 साल की बच्ची के पेट और छोटी आंत में करीब 1 किलो बाल जमा हो चुके थे। सर्जरी के बाद बच्ची की हालत में सुधार हुआ और उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।