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बीमारी के खर्च से बचाव का बड़ा सहारा, जानिए देश के कितने परिवारों के पास है हेल्थ इंश्योरेंस

 

आज के दौर में इलाज का खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है। गंभीर बीमारी या अचानक अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में लाखों रुपये का खर्च आम परिवार के बजट को पूरी तरह बिगाड़ सकता है। ऐसे में हेल्थ इंश्योरेंस आर्थिक सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण साधन बनकर उभरा है।

क्यों जरूरी है हेल्थ इंश्योरेंस?

स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी अस्पताल में भर्ती होने, सर्जरी, इलाज और कई अन्य चिकित्सा खर्चों को कवर करने में मदद करती है। इससे परिवारों पर अचानक आने वाला आर्थिक बोझ काफी हद तक कम हो जाता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती मेडिकल महंगाई को देखते हुए हर परिवार के पास पर्याप्त स्वास्थ्य बीमा कवर होना चाहिए।

कितने परिवारों ने लिया हेल्थ इंश्योरेंस?

हाल के सर्वेक्षणों और सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत में स्वास्थ्य बीमा का दायरा लगातार बढ़ रहा है। देश में लगभग 40 से 45 प्रतिशत परिवार किसी न किसी रूप में स्वास्थ्य बीमा या स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के दायरे में आ चुके हैं। इसमें सरकारी योजनाएं, निजी हेल्थ इंश्योरेंस और नियोक्ता द्वारा प्रदान किया गया स्वास्थ्य बीमा शामिल है।

हालांकि अभी भी बड़ी आबादी ऐसी है जिसके पास पर्याप्त स्वास्थ्य बीमा सुरक्षा उपलब्ध नहीं है।

सरकारी योजनाओं का बड़ा योगदान

स्वास्थ्य बीमा कवरेज बढ़ाने में सरकारी योजनाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। विशेष रूप से Ayushman Bharat जैसी योजनाओं ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान की है।

इसके अलावा कई राज्य सरकारें भी अपनी स्वास्थ्य बीमा योजनाएं चला रही हैं, जिससे लाखों परिवार लाभान्वित हो रहे हैं।

बीमा लेते समय किन बातों का रखें ध्यान?

  • पर्याप्त सम इंश्योर्ड (कवरेज राशि) चुनें।
  • नेटवर्क अस्पतालों की सूची जांचें।
  • वेटिंग पीरियड और शर्तों को ध्यान से पढ़ें।
  • परिवार की जरूरत के अनुसार फैमिली फ्लोटर या व्यक्तिगत पॉलिसी चुनें।
  • क्लेम सेटलमेंट रिकॉर्ड पर ध्यान दें।

बढ़ रही है जागरूकता

कोविड-19 महामारी के बाद लोगों में स्वास्थ्य बीमा को लेकर जागरूकता तेजी से बढ़ी है। अब अधिक परिवार इलाज के बढ़ते खर्च से बचाव के लिए हेल्थ इंश्योरेंस को वित्तीय योजना का अहम हिस्सा मान रहे हैं।

निष्कर्ष