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Wi-Fi Speed: क्या घर के सभी डिवाइस में बराबर बंटती है इंटरनेट स्पीड? जानें पूरा गणित
 

 

आज के दौर में एक ही Wi-Fi नेटवर्क से घर के कई डिवाइस जुड़े रहते हैं. स्मार्ट टीवी पर वीडियो स्ट्रीमिंग, मोबाइल में सोशल मीडिया, लैपटॉप पर डाउनलोड और टैबलेट पर ब्राउजिंग जैसी गतिविधियां एक साथ चलती रहती हैं. ऐसे में अक्सर इंटरनेट की स्पीड कम महसूस होने लगती है. लेकिन क्या ऐसा इसलिए होता है क्योंकि Wi-Fi की स्पीड सभी डिवाइस में बराबर-बराबर बांट दी जाती है? इसका जवाब है नहीं.
100 Mbps कनेक्शन का मतलब 25-25 Mbps नहीं
अगर आपके घर में 100 Mbps का इंटरनेट कनेक्शन है और चार डिवाइस Wi-Fi से जुड़े हैं, तो यह जरूरी नहीं कि हर डिवाइस को 25 Mbps की स्पीड मिले. उपलब्ध बैंडविड्थ अलग-अलग डिवाइस की जरूरत और उस समय नेटवर्क पर चल रही गतिविधियों के आधार पर इस्तेमाल होती है.
उदाहरण के लिए, अगर स्मार्ट टीवी पर 4K वीडियो चल रहा है, लैपटॉप पर बड़ी फाइल डाउनलोड हो रही है और फोन में ऐप अपडेट हो रहे हैं, तो तीनों डिवाइस एक साथ डेटा का इस्तेमाल करेंगे. जिस डिवाइस को उस समय ज्यादा डेटा की जरूरत होगी, वह उपलब्ध बैंडविड्थ का बड़ा हिस्सा इस्तेमाल कर सकता है.
4K स्ट्रीमिंग में ज्यादा बैंडविड्थ की जरूरत
स्मार्ट टीवी पर हाई-क्वालिटी या 4K वीडियो स्ट्रीमिंग के दौरान लगातार ज्यादा डेटा की जरूरत पड़ सकती है. इसके मुकाबले सोशल मीडिया, चैटिंग और सामान्य वेब ब्राउजिंग जैसी गतिविधियों में आमतौर पर कम बैंडविड्थ की आवश्यकता होती है.
हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि टीवी हमेशा पूरे नेटवर्क की स्पीड इस्तेमाल करेगा. डेटा की खपत वीडियो क्वालिटी, स्ट्रीमिंग सर्विस और नेटवर्क की मौजूदा स्थिति के अनुसार बदल सकती है.
बड़ी फाइल डाउनलोड होने पर क्यों स्लो लगता है Wi-Fi?
मान लीजिए आपके घर में 100 Mbps का कनेक्शन है और लैपटॉप पर कई GB की फाइल डाउनलोड हो रही है. डाउनलोड के दौरान लैपटॉप उपलब्ध बैंडविड्थ का बड़ा हिस्सा इस्तेमाल कर सकता है. ऐसे में उसी समय फोन पर वेबसाइट खुलने या टीवी पर वीडियो स्ट्रीम होने में ज्यादा समय लग सकता है.
यह समस्या खास तौर पर तब ज्यादा दिखाई देती है, जब घर के कई डिवाइस पर एक साथ हाई-बैंडविड्थ वाली गतिविधियां चल रही हों.


सिर्फ इंटरनेट प्लान ही जिम्मेदार नहीं
Wi-Fi धीमा होने पर अक्सर लोग इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर या अपने प्लान को जिम्मेदार मान लेते हैं, लेकिन कई बार समस्या राउटर या वायरलेस नेटवर्क से जुड़ी हो सकती है. राउटर की क्षमता, Wi-Fi स्टैंडर्ड, डिवाइस और राउटर के बीच की दूरी, दीवारों तथा आसपास मौजूद दूसरे वायरलेस नेटवर्क का असर कनेक्शन की परफॉर्मेंस पर पड़ सकता है.
2.4GHz बैंड पर अगर ज्यादा भीड़ हो तो वायरलेस कनेक्शन प्रभावित हो सकता है. वहीं, अगर आपका राउटर 5GHz या नए Wi-Fi स्टैंडर्ड को सपोर्ट करता है, तो उसके अनुकूल डिवाइस पर इनका इस्तेमाल बेहतर परफॉर्मेंस दे सकता है.
Wi-Fi की स्पीड बेहतर करने के लिए क्या करें?
अगर घर में कई डिवाइस Wi-Fi से जुड़े हैं तो सबसे पहले यह पता करें कि कौन-सा डिवाइस सबसे ज्यादा डेटा इस्तेमाल कर रहा है. जरूरत नहीं होने पर बैकग्राउंड डाउनलोड, क्लाउड सिंक और ऑटोमैटिक अपडेट को सीमित किया जा सकता है.
राउटर को घर के बीच किसी खुले स्थान पर रखने से भी वायरलेस कवरेज बेहतर हो सकती है. वहीं, अगर घर में लगातार 4K स्ट्रीमिंग, ऑनलाइन गेमिंग और बड़ी फाइल डाउनलोड जैसी गतिविधियां एक साथ चलती हैं, तो ज्यादा स्पीड वाला इंटरनेट प्लान और बेहतर क्षमता वाला राउटर उपयोगी हो सकता है.
यानी Wi-Fi की स्पीड सभी डिवाइस में बराबर हिस्सों में तय नहीं होती. वास्तविक स्पीड नेटवर्क की क्षमता, डिवाइस की जरूरत, राउटर और उस समय चल रही इंटरनेट गतिविधियों पर निर्भर करती है.