क्या स्पेस सूट में आग लग सकती है? जानें ये हैरान करने वाला सच और सूट का पूरा मटेरियल
अक्सर ही लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या स्पेस सूट में आग लग सकती है? आइए जानते हैं इस सवाल का जवाब। स्पेस सूट को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि वह अंतरिक्ष की बेहद कठिन परिस्थितियों में भी अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित रख सके। सामान्य तौर पर स्पेस सूट में आग लगने की संभावना बहुत कम होती है, लेकिन यह पूरी तरह असंभव नहीं कहा जा सकता। इसकी वजह यह है कि आग लगने के लिए तीन चीजें जरूरी होती हैं ऑक्सीजन, ईंधन और गर्मी। अंतरिक्ष में इन परिस्थितियों को बहुत नियंत्रित तरीके से रखा जाता है, इसलिए वहां आग लगने का जोखिम पृथ्वी की तुलना में अलग और सीमित होता है।
स्पेस सूट कई परतों में बना होता है और हर परत का एक खास काम होता है। इसकी बाहरी परत अत्यधिक मजबूत और गर्मी सहने वाले मटेरियल से बनी होती है, जो आग फैलने से रोकने में मदद करती है। इसमें नोमैक्स और केव्लार जैसे फायर रेसिस्टेंट फाइबर का इस्तेमाल किया जाता है, जो उच्च तापमान को सहन करने की क्षमता रखते हैं और आसानी से जलते नहीं हैं।
इसके अलावा स्पेस सूट के अंदर की परतें शरीर के तापमान को नियंत्रित करने और दबाव बनाए रखने का काम करती हैं। अंतरिक्ष में बाहरी दबाव लगभग शून्य होता है, इसलिए सूट के अंदर एक विशेष प्रेशर सिस्टम होता है जो शरीर को सुरक्षित रखता है।
स्पेस सूट में पॉलीएथिलीन जैसी सामग्री भी इस्तेमाल की जाती है, जो विकिरण से बचाव में मदद करती है। वहीं माइलर और अन्य इंसुलेटिंग लेयर तापमान को संतुलित रखने का काम करती हैं।
जहां तक आग लगने की बात है, अंतरिक्ष यान या स्पेस स्टेशन के अंदर आग लगने का खतरा अधिक महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि वहां ऑक्सीजन मौजूद होती है। इसी वजह से स्पेस सूट और पूरे अंतरिक्ष मिशन के उपकरणों को फायर सेफ्टी स्टैंडर्ड के अनुसार तैयार किया जाता है ताकि किसी भी आपात स्थिति में नुकसान को कम किया जा सके।