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Tech Tips: फोन अपडेट करने के बाद एक बार Restart करना क्यों है जरूरी? जानें इसके बड़े फायदे

 

आज के दौर में स्मार्टफोन हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। ऑनलाइन पेमेंट से लेकर सोशल मीडिया, ऑफिस के काम और मनोरंजन तक, लगभग हर जरूरत के लिए फोन का इस्तेमाल होता है। ऐसे में फोन की स्पीड और सुरक्षा बनाए रखने के लिए उसका सॉफ्टवेयर अपडेट करना जरूरी है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अपडेट इंस्टॉल होने के बाद फोन को एक बार रीस्टार्ट करना भी फायदेमंद हो सकता है?

कई बार सॉफ्टवेयर अपडेट के बाद फोन अपने आप रीस्टार्ट हो जाता है, जबकि कुछ छोटे अपडेट इंस्टॉल होने के बाद ऐसा नहीं होता। ऐसी स्थिति में यूजर्स फोन को बिना रीस्टार्ट किए इस्तेमाल करते रहते हैं। हालांकि, अपडेट के बाद डिवाइस को दोबारा चालू करने से कुछ तकनीकी समस्याएं दूर हो सकती हैं और नया सॉफ्टवेयर सही तरीके से काम करने लगता है।

Restart करने से फोन की परफॉर्मेंस पर क्या असर पड़ता है?

सॉफ्टवेयर अपडेट के दौरान फोन के सिस्टम में कई बदलाव किए जाते हैं। रीस्टार्ट करने से ऑपरेटिंग सिस्टम दोबारा लोड होता है और अपडेट से जुड़े बदलावों को लागू करने में मदद मिलती है। इससे कुछ मामलों में फोन की धीमी स्पीड, ऐप्स के अटकने और बार-बार क्रैश होने जैसी समस्याएं दूर हो सकती हैं।

रीस्टार्ट करने से चल रही अस्थायी प्रक्रियाएं भी बंद हो जाती हैं और RAM में इस्तेमाल हो रही मेमोरी खाली हो सकती है। हालांकि, यह जरूरी नहीं है कि हर बार फोन की स्पीड में बड़ा सुधार हो। अगर फोन में स्टोरेज कम है या कोई ऐप लगातार समस्या पैदा कर रहा है, तो उसके लिए अलग से समाधान की जरूरत पड़ सकती है।

Android और iPhone ही नहीं, दूसरे गैजेट्स भी करें Restart

रीस्टार्ट करने की सलाह सिर्फ स्मार्टफोन तक सीमित नहीं है। Android फोन और iPhone के अलावा टैबलेट, लैपटॉप, डेस्कटॉप कंप्यूटर और स्मार्ट टीवी में भी सॉफ्टवेयर अपडेट के बाद रीस्टार्ट की जरूरत पड़ सकती है।

लंबे समय तक लगातार चलते रहने पर कुछ डिवाइस में बैकग्राउंड प्रक्रियाएं अटक सकती हैं या अस्थायी गड़बड़ियां सामने आ सकती हैं। ऐसे में डिवाइस को रीस्टार्ट करने से सिस्टम को दोबारा शुरू करने और कुछ समस्याओं को ठीक करने में मदद मिलती है। ध्यान रखें कि सभी गैजेट्स को हर अपडेट के बाद मैन्युअल रूप से रीस्टार्ट करना जरूरी नहीं होता; कई डिवाइस यह काम अपने आप कर लेते हैं।

फोन की सुरक्षा के लिए भी अहम है रीस्टार्ट करना

फोन को रीस्टार्ट करने का संबंध साइबर सुरक्षा से भी है। BGR की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका की नेशनल सिक्योरिटी एजेंसी (NSA) ने यूजर्स को अपने निजी और ऑफिस के फोन को सप्ताह में कम से कम एक बार रीस्टार्ट करने की सलाह दी है।

कुछ प्रकार के साइबर हमले और मैलवेयर डिवाइस की मेमोरी में सक्रिय रह सकते हैं। फोन को रीस्टार्ट करने से ऐसे कुछ अस्थायी प्रक्रियाएं बंद हो सकती हैं और मेमोरी में चल रहे कुछ दुर्भावनापूर्ण कोड का असर खत्म हो सकता है। हालांकि, रीस्टार्ट करना हर तरह के वायरस या स्पाईवेयर को हटाने का पक्का तरीका नहीं है। कुछ खतरनाक ऐप्स और मैलवेयर फोन दोबारा चालू होने के बाद भी सक्रिय हो सकते हैं।

इसलिए फोन की सुरक्षा के लिए केवल रीस्टार्ट पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। सॉफ्टवेयर अपडेट समय पर इंस्टॉल करें, अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें और ऐप्स को भरोसेमंद स्रोतों से ही डाउनलोड करें।

फोन अपडेट करने के बाद इन बातों का रखें ध्यान

  • अपडेट पूरा होने के बाद फोन को रीस्टार्ट करने का विकल्प मिले, तो निर्देशों का पालन करें।
  • अगर फोन धीमा चल रहा है, तो स्टोरेज खाली करें और परेशानी पैदा करने वाले ऐप्स की जांच करें।
  • किसी बड़े अपडेट के बाद कॉल, इंटरनेट और अन्य जरूरी सुविधाएं सही चल रही हैं या नहीं, यह देख लें।
  • फोन को सुरक्षित रखने के लिए स्क्रीन लॉक, ऐप परमिशन और सुरक्षा सेटिंग्स की समय-समय पर समीक्षा करें।

कुल मिलाकर, सॉफ्टवेयर अपडेट के बाद फोन को रीस्टार्ट करना एक आसान और उपयोगी आदत है। इससे सिस्टम में हुए बदलाव लागू होने और कुछ तकनीकी गड़बड़ियां दूर होने में मदद मिल सकती है। साथ ही, नियमित सुरक्षा अपडेट और सावधानी बरतना भी फोन को सुरक्षित रखने के लिए उतना ही जरूरी है।