Smartphone Tips: क्या फोन में हमेशा Battery Saver रखना सही है? बैटरी बचाने के चक्कर में इन 5 फीचर्स पर पड़ सकता है असर
स्मार्टफोन की बैटरी जल्दी खत्म होने की समस्या से बचने के लिए कई लोग Low Power Mode या Battery Saver को हमेशा ऑन रखते हैं। इससे फोन की बैटरी ज्यादा देर तक चल सकती है, लेकिन इसके कुछ फीचर्स पर भी असर पड़ सकता है। स्क्रीन की स्मूदनेस कम होने, ऐप्स के अपडेट देर से मिलने और फोटो-वीडियो के बैकअप में देरी जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।
iPhone और Android स्मार्टफोन में बैटरी सेवर अलग-अलग तरीके से काम करता है। यह बिजली की खपत कम करने के लिए बैकग्राउंड एक्टिविटी, कुछ विजुअल इफेक्ट्स और अन्य सुविधाओं को सीमित कर सकता है। हालांकि, इसका असर फोन के मॉडल, ऑपरेटिंग सिस्टम और सेटिंग्स पर निर्भर करता है। आइए जानते हैं कि हमेशा बैटरी सेवर चालू रखने से किन बातों पर असर पड़ सकता है।
1. स्क्रीन की स्मूदनेस हो सकती है कम
बैटरी बचाने के लिए कुछ स्मार्टफोन रिफ्रेश रेट को कम कर देते हैं। इससे स्क्रीन पर स्क्रॉलिंग, एनिमेशन और गेमिंग पहले जितनी स्मूद महसूस नहीं होती। खासकर हाई रिफ्रेश रेट वाले फोन में यह बदलाव आसानी से महसूस किया जा सकता है।
कुछ डिवाइस में टाइपिंग के दौरान मिलने वाला हैप्टिक फीडबैक और अन्य विजुअल इफेक्ट्स भी सीमित हो सकते हैं। हालांकि, यह बदलाव हर फोन में एक जैसा नहीं होता।
2. WhatsApp और ईमेल के नोटिफिकेशन में हो सकती है देरी
Battery Saver चालू रहने पर फोन बैकग्राउंड में चलने वाले ऐप्स की गतिविधियों को सीमित कर सकता है। इससे कुछ ऐप्स के डेटा अपडेट और सिंक्रोनाइजेशन में देरी हो सकती है।
उदाहरण के लिए, ईमेल समय पर अपडेट नहीं हो सकते या कुछ Android स्मार्टफोन में मैसेजिंग ऐप्स के नोटिफिकेशन देर से आ सकते हैं। हालांकि, WhatsApp जैसे ऐप्स के नोटिफिकेशन पर असर फोन की बैटरी सेटिंग्स, ऐप परमिशन और निर्माता की पावर मैनेजमेंट नीति पर निर्भर करता है।
3. फोटो और वीडियो का बैकअप प्रभावित हो सकता है
अगर आप फोन की तस्वीरों और वीडियो को क्लाउड पर सेव करते हैं, तो बैटरी सेवर के कारण बैकग्राउंड सिंक्रोनाइजेशन में देरी हो सकती है।
iPhone में Low Power Mode के दौरान iCloud Photos का सिंक्रोनाइजेशन रुक सकता है। वहीं, Android फोन पर Google Photos और Google Drive जैसे ऐप्स का बैकग्राउंड में काम करना उनकी सेटिंग्स और सिस्टम प्रतिबंधों से प्रभावित हो सकता है।
इसलिए अगर आपने जरूरी फोटो या वीडियो का बैकअप लेना है, तो ऐप में जाकर सिंक्रोनाइजेशन की स्थिति जांचना बेहतर रहेगा।
4. स्क्रीन की ब्राइटनेस और Always-On Display पर असर
कुछ स्मार्टफोन में बैटरी सेवर चालू होने पर स्क्रीन की ब्राइटनेस सीमित हो सकती है या Always-On Display बंद हो सकता है। इससे बैटरी की खपत कम करने में मदद मिलती है।
इसके अलावा, कुछ डिवाइस में स्क्रीन जल्दी बंद होने या दूसरे डिस्प्ले फीचर्स के सीमित होने का अनुभव भी हो सकता है। हालांकि, स्क्रीन टाइमआउट की अवधि हर फोन में बैटरी सेवर के कारण अपने आप कम हो, यह जरूरी नहीं है।
5. 5G और लोकेशन जैसी सुविधाएं हो सकती हैं सीमित
iPhone में Low Power Mode चालू होने पर कई परिस्थितियों में 5G की उपलब्धता सीमित हो सकती है। वहीं, कुछ Android स्मार्टफोन में भी बैटरी सेवर नेटवर्क, लोकेशन अपडेट और बैकग्राउंड में चलने वाली गतिविधियों को सीमित कर सकता है।
इसका असर लाइव लोकेशन शेयरिंग या लगातार लोकेशन अपडेट देने वाले ऐप्स पर पड़ सकता है। हालांकि, कॉलिंग, इंटरनेट और लोकेशन से जुड़ी सभी सुविधाएं हर फोन में बंद नहीं होतीं। इसका प्रभाव डिवाइस और उसकी सेटिंग्स के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।
क्या पूरे दिन Battery Saver चालू रखना चाहिए?
Battery Saver को हमेशा ऑन रखने से फोन को कोई नुकसान होना जरूरी नहीं है। इसका मुख्य उद्देश्य बिजली की खपत कम करके बैटरी को अधिक समय तक चलाना है। लेकिन अगर आप फोन के सभी फीचर्स का पूरा इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो इसे जरूरत के हिसाब से चालू करना बेहतर हो सकता है।
बैटरी की खपत कम करने के लिए आप ये तरीके भी अपना सकते हैं:
• स्क्रीन की ब्राइटनेस जरूरत के अनुसार रखें।
• Always-On Display की जरूरत न हो तो इसे बंद कर दें।
• गैर-जरूरी ऐप्स की बैकग्राउंड एक्टिविटी सीमित करें।
• लंबे समय तक इस्तेमाल के दौरान अनावश्यक लोकेशन सेवाएं बंद रखें।
• फोन की बैटरी सेटिंग्स में जाकर देखें कि कौन-सा ऐप सबसे ज्यादा बिजली खर्च कर रहा है।