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Smartphone Study: फोन पानी में गिरते ही चावल का सहारा लेते हैं 29% भारतीय, जानें क्या कहती है Consumer Report
 

 

Smartphone आज लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. ऐसे में फोन के हाथ से गिरने या पानी में भीगने पर लोग तुरंत परेशान हो जाते हैं. सर्विस सेंटर जाने से पहले कई लोग घर पर ही फोन को ठीक करने के तरीके आजमाते हैं. एक नई Consumer Study में भारतीय Smartphone Users की ऐसी ही आदतों और फोन को होने वाले Accidental Damage से जुड़ी कई दिलचस्प बातें सामने आई हैं.
यह Study Hansa Research ने OneAssist के लिए की है. The Great Indian Smartphone Protection Crisis नाम की इस रिपोर्ट में Smartphone के इस्तेमाल, दुर्घटनावश होने वाले नुकसान और Protection Plans को लेकर लोगों के व्यवहार का अध्ययन किया गया है.

82% भारतीयों का फोन कम से कम एक बार गिरा
रिपोर्ट के मुताबिक, 82 प्रतिशत लोगों ने कम से कम एक बार अपना Smartphone गिराया है. वहीं, 72 प्रतिशत Consumers ने किसी न किसी तरह के Accidental Damage का अनुभव किया.
फोन का जेब या बैग से फिसल जाना भी नुकसान की प्रमुख वजहों में शामिल रहा. ऐसे मामलों की हिस्सेदारी करीब 36 प्रतिशत बताई गई है.
फोन गिरने के बाद लोगों की प्रतिक्रिया भी अलग-अलग रही. करीब 35 प्रतिशत लोगों ने बताया कि फोन गिरते ही उन्हें घबराहट हुई. वहीं, 24 प्रतिशत लोगों ने इस घटना के कारण किसी से बहस या झगड़ा होने की बात कही. इसके अलावा 15 प्रतिशत लोगों ने Smartphone Damage होने के कारण अपने प्लान तक रद्द कर दिए.
पानी में भीगा फोन तो 29% लोगों ने अपनाया चावल वाला तरीका
Smartphone में पानी चले जाने पर कई लोग तुरंत सर्विस सेंटर जाने के बजाय घरेलू उपाय आजमाते हैं. Study में सामने आया कि 29 प्रतिशत भारतीयों ने Water-Damaged Smartphone को ठीक करने के लिए चावल का इस्तेमाल किया.
इसके अलावा करीब 20 से 32 प्रतिशत लोगों ने टूटे या खराब फोन को अस्थायी तौर पर संभालने के लिए Tape और दूसरे Temporary Fixes का सहारा लिया.
Protection Plan लेने वाले Consumers की संख्या कम
Smartphone Damage के मामले सामने आने के बावजूद Protection Plan को लेकर लोगों में अभी भी सीमित रुचि दिखाई देती है.
रिपोर्ट के अनुसार, 36 प्रतिशत लोगों ने कभी न कभी अपने Smartphone के लिए Protection Plan लिया है, लेकिन वर्तमान में सिर्फ करीब 6 से 8 प्रतिशत Consumers के पास Active Protection Plan मौजूद है.
Study में Protection Plan से दूरी के पीछे कई कारण बताए गए हैं. इनमें इसकी कीमत, फायदे की पर्याप्त जानकारी नहीं होना और Claim Process को लेकर लोगों की चिंता शामिल हैं.
पुराने Smartphone के लिए Protection की बढ़ती मांग
Consumer Study में Pre-owned Smartphone को लेकर भी अहम जानकारी सामने आई है. करीब 70 प्रतिशत Consumers का मानना है कि नए फोन की तुलना में पुराने Smartphone के लिए Protection Plan ज्यादा जरूरी है.
वहीं, लगभग 30 प्रतिशत लोगों ने कहा कि अगर पुराने फोन के साथ Warranty या Protection Plan उपलब्ध हो, तो वे Pre-owned Smartphone खरीदने पर विचार कर सकते हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक, Non-Metro इलाकों में करीब 54 प्रतिशत लोगों ने Pre-owned Smartphone खरीदा, जबकि Metro शहरों में यह आंकड़ा लगभग 30 प्रतिशत रहा.
महंगे Smartphones के दौर में बढ़ी Protection की जरूरत
Study के अनुसार, लोग अब अपने Smartphones को पहले की तुलना में लंबे समय तक इस्तेमाल कर रहे हैं. दूसरी ओर, नए Smartphones की कीमत बढ़ने के साथ उनके Damage होने पर Repair का खर्च भी उपभोक्ताओं के लिए बड़ी चिंता बन रहा है.
ऐसे में रिपोर्ट Smartphone Users के बीच Accidental Damage और Protection Plans को लेकर बढ़ती जरूरत की ओर इशारा करती है.