चौंकाने वाली तकनीक: क्या यह शर्ट सच में आपको अदृश्य बना सकती है? जानिए सच्चाई
साल 1987 में रिलीज हुई फिल्म ‘मिस्टर इंडिया’ में अभिनेता अनिल कपूर घड़ी पहनते ही गायब हो जाते थे। अब जर्मन डिजाइनर साइमन वेकर्ट ने कुछ ऐसा ही दिलचस्प कॉन्सेप्ट तैयार किया है। फर्क सिर्फ इतना है कि इसमें इंसान गायब नहीं होगा, बल्कि खास पैटर्न वाली शर्ट AI कैमरों को उसे पहचानने में भ्रमित कर सकती है।
साइमन वेकर्ट ने एक रंग-बिरंगी बटन-डाउन शर्ट डिजाइन की है, जिसे ‘Digital Camouflage’ नाम दिया गया है। दावा है कि इसका पैटर्न AI आधारित वीडियो सर्विलांस सिस्टम को इंसान की पहचान करने में मुश्किल डाल सकता है।
पहली नजर में यह शर्ट चमकीले हरे, गुलाबी और नारंगी रंगों से बना एक सामान्य एब्स्ट्रैक्ट डिजाइन नजर आती है। लेकिन इसके पैटर्न को खास तौर पर इस तरह तैयार किया गया है कि AI विजन सिस्टम को इंसान के शरीर की पहचान करने में परेशानी हो।
डेमो में AI ने इंसान को पहचानना बंद किया
वेकर्ट ने इस शर्ट का एक डेमो भी दिखाया है। इसमें एक इमेज-रिकॉग्निशन सिस्टम व्यक्ति को पहचानकर उसके चारों ओर हरे रंग का बॉक्स बनाता है और उसे ‘PERSON’ के रूप में लेबल करता है।
लेकिन जैसे ही वेकर्ट इस खास पैटर्न वाली शर्ट को अपने शरीर के सामने लाते हैं, AI का बॉक्स और ‘PERSON’ लेबल गायब हो जाता है। शर्ट हटाने के बाद सिस्टम दोबारा व्यक्ति को पहचान लेता है।
AI को चकमा देने के लिए शर्ट ही क्यों?
वेकर्ट के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट का मकसद यह दिखाना है कि AI आधारित सर्विलांस सिस्टम वास्तव में कितने मजबूत हैं। बर्लिन जैसे शहरों में सार्वजनिक स्थानों पर AI-पावर्ड कैमरों के इस्तेमाल को लेकर चर्चा बढ़ रही है। इसी पृष्ठभूमि में उन्होंने ऐसा डिजाइन तैयार किया, जो यह सवाल उठाता है कि क्या AI सर्विलांस सिस्टम को विजुअल पैटर्न के जरिए भ्रमित किया जा सकता है।
AI इंसान को आखिर पहचानता कैसे है?
इंसान किसी व्यक्ति को देखकर उसके चेहरे, शरीर और दूसरी विशेषताओं के आधार पर आसानी से पहचान सकता है। लेकिन AI विजन सिस्टम अलग तरीके से काम करते हैं। वे बड़ी संख्या में तस्वीरों से सीखे गए पैटर्न और विजुअल संकेतों के आधार पर किसी वस्तु या व्यक्ति की पहचान करते हैं।
Digital Camouflage शर्ट में चमकीले रंगों, अलग-अलग आकृतियों और ओवरलैपिंग पैटर्न का इस्तेमाल किया गया है। ये पैटर्न शरीर की सामान्य आउटलाइन को बाधित कर सकते हैं, जिससे AI के लिए शरीर के अलग-अलग हिस्सों को एक साथ जोड़कर व्यक्ति की पहचान करना मुश्किल हो सकता है।
AI की मदद से ही तैयार किया गया शर्ट का पैटर्न
इस प्रोजेक्ट की खास बात यह है कि वेकर्ट ने पैटर्न तैयार करने में खुद AI का इस्तेमाल किया। उन्होंने इस प्रक्रिया को ‘Adversarial Loop’ बताया है।
इसमें AI एक पैटर्न तैयार करता है, फिर उसे डिटेक्शन सिस्टम पर टेस्ट किया जाता है। देखा जाता है कि सिस्टम व्यक्ति को कितने भरोसे के साथ पहचान रहा है। इसके बाद पैटर्न में बदलाव करके दोबारा टेस्ट किया जाता है। यह प्रक्रिया तब तक दोहराई जाती है, जब तक डिटेक्शन सिस्टम के लिए व्यक्ति को पहचानना मुश्किल न हो जाए।
वेकर्ट ने Digital Camouflage का परीक्षण YOLO नाम के ओपन-सोर्स ऑब्जेक्ट डिटेक्शन सिस्टम के साथ किया। YOLO रियल टाइम में अलग-अलग वस्तुओं और लोगों की पहचान करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
हर CCTV कैमरे को चकमा देने की गारंटी नहीं
हालांकि, इस प्रोजेक्ट का मतलब यह नहीं है कि यह शर्ट हर तरह के CCTV कैमरे या AI सिस्टम को आसानी से धोखा दे सकती है। अलग-अलग कैमरे और AI मॉडल अलग तरीके से काम करते हैं, इसलिए किसी एक सिस्टम पर सफल प्रयोग का मतलब यह नहीं कि हर सर्विलांस सिस्टम पर यही परिणाम मिलेगा।
वेकर्ट का मकसद सर्विलांस से बचने का कोई पक्का तरीका देना नहीं, बल्कि AI विजन टेक्नोलॉजी की सीमाओं और संभावित कमजोरियों को सामने लाना है।