PC Speed Boost: कंप्यूटर की धीमी स्पीड से हैं परेशान? Windows के इन छिपे टूल्स से बिना पैसे खर्च किए बढ़ाएं परफॉर्मेंस
कंप्यूटर इस्तेमाल करते समय अगर उसकी स्पीड धीमी हो जाए, स्टोरेज बार-बार भरने लगे या सामान्य काम करने में भी परेशानी आने लगे, तो अक्सर लोग PC Optimizer जैसे थर्ड-पार्टी सॉफ्टवेयर डाउनलोड कर लेते हैं। हालांकि, कंप्यूटर की देखभाल के लिए हर बार बाहरी ऐप की जरूरत नहीं होती। Windows में पहले से कई ऐसे टूल मौजूद हैं, जिनकी मदद से सिस्टम की सफाई, फाइलों की जांच और दूसरे मेंटेनेंस से जुड़े काम किए जा सकते हैं।
इन टूल्स को सही तरीके से इस्तेमाल करके कई काम अपने आप चलाने के लिए शेड्यूल भी किया जा सकता है। इससे बार-बार मैन्युअल तरीके से सिस्टम की जांच करने की जरूरत कम हो जाती है।
Task Scheduler से ऑटोमेट करें PC के काम
Windows का Task Scheduler एक ऐसा फीचर है, जिसकी मदद से कंप्यूटर में अलग-अलग काम तय समय पर अपने आप चलाए जा सकते हैं। उदाहरण के लिए, सिस्टम की सफाई, फाइलों की जांच और बैकअप जैसे काम शेड्यूल किए जा सकते हैं।
इस टूल में Windows के कई पहले से निर्धारित टास्क मौजूद होते हैं। इसके अलावा ब्राउजर और दूसरे इंस्टॉल किए गए सॉफ्टवेयर भी अपने टास्क जोड़ सकते हैं। यूजर अपनी जरूरत के हिसाब से नए टास्क तैयार करके उनके चलने का समय भी निर्धारित कर सकता है।
स्टोरेज खाली करने के लिए बनाएं टास्क
अगर आपके कंप्यूटर की स्टोरेज बार-बार भर जाती है, तो Windows के Disk Cleanup टूल का इस्तेमाल किया जा सकता है। यह टूल अस्थायी और गैरजरूरी फाइलों को हटाकर डिस्क में जगह खाली करने में मदद करता है।
इसके लिए सबसे पहले Disk Cleanup खोलें और उन फाइलों की कैटेगरी चुनें, जिन्हें हटाना चाहते हैं। इसके बाद Task Scheduler में नया टास्क बनाकर Disk Cleanup को तय समय पर चलाने के लिए सेट किया जा सकता है। ध्यान रखें कि फाइलें हटाने से पहले उनकी कैटेगरी जरूर जांच लें, ताकि जरूरी डेटा गलती से डिलीट न हो।
DISM, SFC और CHKDSK से जांचें सिस्टम की गड़बड़ियां
Windows में कुछ ऐसे कमांड लाइन टूल भी मौजूद हैं, जो सिस्टम की समस्याओं की जांच और मरम्मत में मदद करते हैं।
- DISM: Windows की सिस्टम इमेज में मौजूद खराबियों को ठीक करने में मदद करता है।
- SFC: खराब या गायब सिस्टम फाइलों की जांच करके उन्हें सुधारने का प्रयास करता है।
- CHKDSK: हार्ड ड्राइव या अन्य स्टोरेज ड्राइव में फाइल सिस्टम से जुड़ी गड़बड़ियों की जांच करता है।
इन टूल्स को जरूरत के अनुसार Task Scheduler में शेड्यूल किया जा सकता है। हालांकि, इनके लिए सही कमांड और एडमिनिस्ट्रेटर की अनुमति जरूरी होती है। बिना जानकारी के इन कमांड्स को बार-बार चलाने के बजाय जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल करना बेहतर है।
HDD यूजर्स के लिए डीफ्रैगमेंटेशन का विकल्प
अगर आपके कंप्यूटर में HDD लगी है, तो Windows के ड्राइव ऑप्टिमाइजेशन फीचर की मदद से उसे समय-समय पर डीफ्रैगमेंट किया जा सकता है। इससे ड्राइव में बिखरे हुए डेटा को व्यवस्थित करने में मदद मिलती है।
वहीं, SSD यूजर्स को पारंपरिक डीफ्रैगमेंटेशन करने की जरूरत नहीं होती। Windows का Optimize Drives फीचर SSD के लिए TRIM जैसी उपयुक्त प्रक्रिया का इस्तेमाल करता है।
बैकअप और दूसरे काम भी कर सकते हैं ऑटोमेट
Task Scheduler की मदद से जरूरी फाइलों का बैकअप लेने, कुछ निर्धारित मेंटेनेंस टास्क चलाने और सिस्टम से जुड़े रिमाइंडर सेट करने जैसे काम भी किए जा सकते हैं। टास्क की Properties में जाकर जरूरत के मुताबिक 'Run with highest privileges' विकल्प चुना जा सकता है, ताकि उसे जरूरी एडमिनिस्ट्रेटर अनुमति मिल सके।
कुल मिलाकर, Windows के इन बिल्ट-इन टूल्स की मदद से कंप्यूटर का नियमित मेंटेनेंस आसान बनाया जा सकता है। हालांकि, केवल इन टूल्स से हर धीमे PC की स्पीड बढ़ने की गारंटी नहीं है। इसके लिए स्टोरेज, RAM, बैकग्राउंड ऐप्स और हार्डवेयर की स्थिति पर भी ध्यान देना जरूरी है।