मन की बात में पीएम मोदी ने बेंगलुरु से कच्छ तक खगोल विज्ञान को बढ़ावा देने वाले प्रयासों का किया उल्लेख
नई दिल्ली, 31 मई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 134वें एपिसोड में खगोल विज्ञान पर चर्चा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "हम भारतीयों में खगोल विज्ञान यानी एस्ट्रोनॉमी को लेकर हमेशा विशेष आकर्षण रहा है। हमारे देश में आज भी सदियों पुरानी वेधशालाएं मौजूद हैं। यहां अद्भुत गणितीय खोजें हुई हैं। नेविगेशन, पंचांग या हमारे पर्व-त्योहार हो, इन सबका संबंध आकाश और तारों से रहा है।"
पीएम मोदी ने कहा, "हमारे यहां खगोल विज्ञान ने हर पीढ़ी में कौतुहल जगाया है। उन्हें अन्वेषण के लिए प्रेरित किया गया है और आज के युवाओं में भी इसे लेकर काफी उत्साह दिखाई देता है। यहां आप भी देखेंगे, एस्ट्रोनॉमी क्लब तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। बड़े बाजारों से लेकर छोटे कस्बों तक, स्कूल से लेकर पार्कों तक इनकी गतिविधियां दिखाई देती हैं।
मुझे बेंगलुरु एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी के बारे में जानकारी मिली। यहां आब्जर्वेशन सेशन आयोजित किए जाते हैं। इस संस्था ने ग्रामीण क्षेत्रों में एस्ट्रोनॉमी को लोकप्रिय बनाने का मिशन भी शुरू किया है। खगोल मंडल नाम की टीम ने 30 घंटे का एक इनोवेटिव कोर्स शुरू किया है। रात में तारों का निहारना अपने आपमें अद्भुत अनुभव होता है।"
पीएम मोदी ने कहा, "एस्ट्रो केरला नाम की एक संस्था रात्रि ऑब्जर्वेशन कैंप और वर्कशॉप आयोजित करती है। यहां युवा मित्र टेलीस्कोप बनाना और तारा मानचित्र का प्रयोग करना सिखा रहे हैं। राजकोट के बिग बैंग एस्ट्रोनॉमी क्लब ने गिर के जंगल से लेकर कच्छ के रण तक कई खगोल विज्ञान कार्यक्रम आयोजित किए हैं।
'ज्योतिर्विद्या संस्थान' भी खगोल विज्ञान के सबसे पुराने अनुयायियों में से एक है। यहां अवलोकन संबंधी सुविधाओं के साथ किताबें, पुस्तकालय और दूरबीन पुस्तकालय की सुविधा भी है। मैं आइसैक का भी जिक्र करना चाहता हूं। यह एक छात्र-नेतृत्व वाला राष्ट्रव्यापी नेटवर्क है, जिसमें खगोल विज्ञान और खगोल भौतिकी क्लब शामिल हैं।"
--आईएएनएस
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