AI की रेस में पिछड़ना और महंगे iPhone: Apple के नए बॉस के सामने ये हैं 5 सबसे बड़े कांटे
Apple का बड़ा इवेंट 9 सितंबर को होने जा रहा है। इस दौरान कंपनी कई नए iPhone समेत दूसरे प्रोडक्ट्स पेश कर सकती है। लेकिन इस बार Apple के लिए यह इवेंट सिर्फ नए डिवाइसेज के लॉन्च तक सीमित नहीं रहेगा। कई सालों बाद पहली बार कंपनी के नए प्रोडक्ट्स को Tim Cook नहीं, बल्कि John Ternus पेश करेंगे।John Ternus Apple के नए CEO के तौर पर अपने कार्यकाल की शुरुआत कर रहे हैं और उनसे उम्मीदें काफी ज्यादा हैं। उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब Apple को AI की तेजी से बदलती दुनिया में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए बड़े फैसले लेने हैं।
John Ternus के सामने राह आसान नहीं
John Ternus ऐसे समय में Apple की कमान संभाल रहे हैं, जब कंपनी पर अपने प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी को AI के दौर के मुताबिक तेजी से आगे बढ़ाने का दबाव है।
जुलाई में Apple इतिहास में 5 ट्रिलियन डॉलर के मार्केट कैप तक पहुंचने वाली दुनिया की दूसरी कंपनी बनी थी। इस उपलब्धि के बाद निवेशकों और एनालिस्ट्स की उम्मीदें भी कंपनी से और बढ़ गई हैं।
Ternus का बैकग्राउंड हार्डवेयर इंजीनियरिंग का रहा है। ऐसे में माना जा रहा है कि उनका नेतृत्व Apple में हार्डवेयर और इनोवेशन के एक नए दौर की शुरुआत कर सकता है।
वह 2001 में Apple से जुड़े थे। उनके पास MBA या फाइनेंस का बैकग्राउंड नहीं है, लेकिन हार्डवेयर इंजीनियरिंग में उनका लंबा अनुभव है। वह 2013 से हार्डवेयर इंजीनियरिंग के VP और 2021 से SVP पद पर रहे हैं। Apple के Intel प्रोसेसर से अपने खुद के Apple Silicon चिप्स की ओर बढ़ने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
AI की रेस में Apple को बढ़ानी होगी रफ्तार
Apple के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक AI की रेस में अपनी स्थिति मजबूत करना है। पिछले कुछ समय से कंपनी की AI रणनीति और उसकी धीमी रफ्तार को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
Apple ने पिछले साल Siri के नए वर्जन में देरी की थी। अब कंपनी अपने AI असिस्टेंट को बड़े अपग्रेड के साथ पेश करने की तैयारी में है।
Apple आमतौर पर अपने हार्डवेयर, चिप्स और सॉफ्टवेयर को एक साथ डिजाइन करता है। ऐसे में हार्डवेयर इंजीनियरिंग में Ternus का अनुभव कंपनी के लिए AI-केंद्रित नए डिवाइसेज तैयार करने में अहम साबित हो सकता है।
फिलहाल कंपनी AI के मोर्चे पर Siri को बड़ा हथियार बनाने की तैयारी में है। नए Siri को ज्यादा पर्सनलाइज्ड बनाने की कोशिश की जा रही है, ताकि वह यूजर के iPhone में मौजूद जानकारी का इस्तेमाल करके ज्यादा उपयोगी जवाब दे सके।
Ternus से नए 'ब्लॉकबस्टर' प्रोडक्ट की उम्मीद
Tim Cook के लंबे कार्यकाल में Apple ने iPhone को कंपनी के सबसे बड़े बिजनेस में बदल दिया। इसके साथ ही Apple Watch, AirPods, Apple Music और Apple Card जैसी सर्विसेज और एक्सेसरीज ने कंपनी के इकोसिस्टम को और मजबूत किया।
अब John Ternus के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि वह Apple के लिए अगला बड़ा प्रोडक्ट या इनोवेशन लेकर आएं।
निवेशकों और एनालिस्ट्स की नजर खास तौर पर फोल्डेबल iPhone पर है। Apple इस सेगमेंट में Samsung और कई चीनी कंपनियों से पीछे रहा है, लेकिन उम्मीद है कि कंपनी आने वाले समय में फोल्डेबल iPhone के जरिए बाजार में बड़ा बदलाव ला सकती है।
IDC के अनुमान के मुताबिक, Apple 2027 तक फोल्डेबल स्मार्टफोन बाजार में करीब 40% हिस्सेदारी हासिल कर सकता है।
मेमोरी चिप्स की कमी भी बनेगी चुनौती
Apple के सामने सिर्फ AI और नए प्रोडक्ट्स की चुनौती नहीं है। टेक इंडस्ट्री इस समय मेमोरी चिप्स की सप्लाई में कमी से भी जूझ रही है।
AI डेटा सेंटर्स की बढ़ती मांग के कारण मेमोरी चिप्स की कीमतों में तेजी आई है। इसका असर Apple, Nintendo और Microsoft जैसी बड़ी टेक कंपनियों पर भी पड़ा है।
Apple ने जुलाई में iPad, Mac और दूसरे डिवाइसेज की कीमतों में बढ़ोतरी की थी, हालांकि उस समय iPhone की कीमतों में बदलाव नहीं किया गया था।
Tim Cook ने CEO के तौर पर अपनी आखिरी अर्निंग्स कॉल के दौरान मेमोरी की बढ़ती कीमतों को लेकर चिंता जताई थी। ऐसे में आने वाले समय में महंगे कंपोनेंट्स का दबाव iPhone की कीमतों पर भी पड़ सकता है।
EU के सख्त नियमों से भी निपटना होगा
यूरोपियन यूनियन के रेगुलेशन भी Apple के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं। कंपनी को EU के डिजिटल नियमों के मुताबिक अपने App Store के बिजनेस मॉडल में बदलाव करने पड़ रहे हैं।
इसके अलावा यूरोपियन कमीशन के नियमों के कारण Apple को यूरोपीय बाजार में अपने नए Siri फीचर्स को लेकर भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
EU चाहता है कि Apple और Google जैसे टेक दिग्गज थर्ड-पार्टी AI असिस्टेंट्स को अपने ऑपरेटिंग सिस्टम में ज्यादा एक्सेस दें। वहीं Apple और Google का तर्क है कि इससे यूजर्स की प्राइवेसी और डेटा सिक्योरिटी पर खतरा बढ़ सकता है।
यूरोप Apple के लिए अमेरिका के बाद सबसे महत्वपूर्ण बाजारों में से एक है। इसलिए Ternus के लिए रेगुलेटरी दबाव और कंपनी की प्राइवेसी पॉलिसी के बीच संतुलन बनाना भी जरूरी होगा।
Ternus के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या?
John Ternus के सामने सबसे बड़ी चुनौती सिर्फ Apple की मौजूदा सफलता को बनाए रखना नहीं, बल्कि अगला बड़ा इनोवेशन पेश करना होगी।
Tim Cook के दौर में Apple ने बेहद मजबूत और प्रॉफिटेबल बिजनेस तैयार किया। अब Ternus को उस बिजनेस की रफ्तार बनाए रखने के साथ-साथ AI, फोल्डेबल डिवाइसेज और नई टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में ऐसा कदम उठाना होगा, जिससे Apple एक बार फिर दुनिया को चौंका सके।
यानी 9 सितंबर का Apple इवेंट सिर्फ नए iPhone की शुरुआत नहीं, बल्कि John Ternus के नए दौर की पहली बड़ी परीक्षा भी माना जा रहा है।