IRCTC Tatkal Booking Hack: ChatGPT ने सेकेंडों में बुक कर दिया कंफर्म तत्काल टिकट, जानें कैसे
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की बढ़ती क्षमताओं को लेकर एक बार फिर सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। इस बार चर्चा एक ऐसे वायरल वीडियो की है, जिसमें दावा किया गया है कि एक AI मॉडल ने तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम यानी TTD के ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर ठहरने की जगह बुक करने की प्रक्रिया खुद पूरी की।
इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए इस वीडियो में भारतीय टेक क्रिएटर पवन ने कथित तौर पर AI एजेंट को तिरुपति में रहने की जगह बुक करने का निर्देश दिया। वीडियो में दावा किया गया कि AI ने वेबसाइट को खुद नेविगेट किया, लॉगिन किया, तारीख चुनी और बुकिंग की प्रक्रिया को पेमेंट पेज तक पहुंचाया।
हालांकि, इस वायरल वीडियो में दिखाई गई प्रक्रिया और किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। इसलिए इसे फिलहाल सोशल मीडिया पर किया गया दावा मानकर ही देखा जाना चाहिए।
AI ने TTD वेबसाइट पर कैसे किया काम?
वायरल वीडियो के मुताबिक, टेक क्रिएटर ने AI को एक साधारण निर्देश दिया। इसमें कथित तौर पर 21 दिसंबर को तिरुपति दर्शन के दौरान ठहरने की जगह तलाशने और बुकिंग प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए कहा गया था।
दावे के अनुसार, इसके बाद AI एजेंट ने यूजर के सेव्ड लॉगिन डिटेल्स का इस्तेमाल करते हुए TTD वेबसाइट को एक्सेस किया। इसके बाद उसने वेबसाइट के अलग-अलग विकल्पों को नेविगेट किया, तारीख से जुड़ी जानकारी चुनी और उपलब्ध आवास विकल्पों तक पहुंचने की कोशिश की।
यानी जिस काम के लिए आमतौर पर यूजर को वेबसाइट खोलकर एक-एक स्टेप खुद पूरा करना पड़ता है, वायरल वीडियो में दावा किया गया है कि AI ने इन स्टेप्स को अपने स्तर पर पूरा किया।
पेमेंट से पहले AI ने रोक दी प्रक्रिया
इस वायरल वीडियो का सबसे अहम हिस्सा पेमेंट से जुड़ा है।
वीडियो में किए गए दावे के अनुसार, AI एजेंट बुकिंग प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए पेमेंट पेज तक पहुंच गया, लेकिन उसने अंतिम पेमेंट नहीं किया।
बताया गया कि AI को बैंकिंग या कार्ड से जुड़ी वित्तीय जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई थी। इसलिए पेमेंट से ठीक पहले प्रक्रिया रोक दी गई, ताकि यूजर खुद बुकिंग की जानकारी और पेमेंट डिटेल्स की जांच करने के बाद आगे बढ़ सके।
अगर यह दावा सही है, तो यह AI एजेंट्स की उस क्षमता का उदाहरण हो सकता है जिसमें वे सिर्फ सवालों का जवाब देने के बजाय वेबसाइट पर जाकर कई चरणों वाले डिजिटल काम भी कर सकते हैं।
सोशल मीडिया पर क्यों हो रही है चर्चा?
इस वीडियो ने इसलिए लोगों का ध्यान खींचा है क्योंकि ऑनलाइन बुकिंग वेबसाइटों पर कई बार एक साथ बड़ी संख्या में लोग विजिट करते हैं। ऐसे में वेबसाइट के अलग-अलग पेजों पर जाना, तारीख चुनना, उपलब्धता देखना और बुकिंग प्रक्रिया को आगे बढ़ाना समय लेने वाला काम हो सकता है।
वायरल वीडियो में दावा किया गया कि AI ने इन सभी चरणों को खुद संभाला। इसी वजह से सोशल मीडिया यूजर्स के बीच यह चर्चा शुरू हो गई कि आने वाले समय में AI एजेंट्स सिर्फ जानकारी देने के बजाय वेबसाइट पर जाकर वास्तविक काम भी कर पाएंगे।
इससे पहले IRCTC को लेकर भी वायरल हुआ था दावा
यह पहली बार नहीं है जब किसी AI एजेंट के जरिए ऑनलाइन बुकिंग करने का दावा सामने आया है।
इससे पहले सोशल मीडिया पर एक अन्य वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें AI की मदद से IRCTC पर तत्काल ट्रेन टिकट बुक करने का दावा किया गया था। अब TTD वेबसाइट से जुड़ा यह वीडियो सामने आने के बाद AI एजेंट्स की क्षमताओं को लेकर चर्चा फिर तेज हो गई है।
हालांकि, दोनों मामलों में सोशल मीडिया पर सामने आए दावों और वास्तविक सिस्टम की क्षमता के बीच अंतर को समझना जरूरी है। किसी वायरल वीडियो में दिखाई गई एक प्रक्रिया से यह साबित नहीं होता कि वही काम हर परिस्थिति में AI सफलतापूर्वक कर सकता है।
AI को लॉगिन देने पर सुरक्षा का सवाल
AI एजेंट्स के बढ़ते इस्तेमाल के साथ सबसे बड़ा सवाल डेटा और अकाउंट सिक्योरिटी का भी है।
अगर किसी AI टूल को किसी वेबसाइट का सेव्ड लॉगिन, व्यक्तिगत जानकारी या दूसरे संवेदनशील डेटा तक पहुंच दी जाती है, तो यूजर को यह समझना जरूरी है कि उस एक्सेस का इस्तेमाल किस तरह हो रहा है।
खास तौर पर बैंकिंग, कार्ड, OTP और पेमेंट से जुड़ी जानकारी AI एजेंट को देने से पहले अतिरिक्त सावधानी जरूरी है। वायरल वीडियो में भी पेमेंट से पहले प्रक्रिया रोकने की बात इसी सुरक्षा पहलू को सामने लाती है।
क्या आने वाला समय AI एजेंट्स का है?
आज AI चैटबॉट सिर्फ सवालों के जवाब देने तक सीमित नहीं हैं। AI एजेंट्स को ऐसे कामों के लिए विकसित किया जा रहा है जिनमें वेबसाइट खोलना, जानकारी तलाशना, विकल्पों की तुलना करना और कई चरणों वाली डिजिटल प्रक्रिया को पूरा करना शामिल हो सकता है।
लेकिन किसी AI मॉडल की वास्तविक क्षमता उसके आधिकारिक फीचर्स, उपलब्ध टूल्स, वेबसाइट की सुरक्षा व्यवस्था और यूजर द्वारा दिए गए एक्सेस पर निर्भर करती है।
फिलहाल TTD बुकिंग को लेकर वायरल वीडियो ने इतना जरूर दिखाया है कि AI एजेंट्स को लेकर लोगों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ रही है। साथ ही यह सवाल भी महत्वपूर्ण है कि भविष्य में जब AI हमारे लिए ऑनलाइन काम करेगा, तो सुविधा के साथ प्राइवेसी और डिजिटल सिक्योरिटी को कैसे सुरक्षित रखा जाएगा।