भारत ने लॉन्च किए 3 स्वदेशी AI मॉडल EKA-1, Dhir 2B और Dhir 5B, बिना इंटरनेट भी करेंगे काम; जानें इनकी खासियत
भारत ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। केंद्र सरकार के आईटी मंत्रालय ने IndiaAI Mission के सहयोग से देश में विकसित तीन नए AI मॉडल पेश किए हैं। इनका नाम EKA-1, Dhir 2B और Dhir 5B है। इन मॉडल्स को भारतीय भाषाओं, स्थानीय जरूरतों और अलग-अलग क्षेत्रों में काम को आसान बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में इन तीनों AI मॉडल्स को पेश किया गया। इस दौरान आईटी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन सहित कई अधिकारियों ने बताया कि इनका इस्तेमाल सरकारी विभागों, शिक्षण संस्थानों, रिसर्च सेंटर और निजी कंपनियों में किया जा सकता है।
इन तीनों मॉडल्स की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इन्हें भारतीय जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। इनमें से Dhir 2B और Dhir 5B जैसे छोटे मॉडल्स को मोबाइल और लैपटॉप जैसे डिवाइस पर ऑफलाइन चलाने के लिए डिजाइन किया गया है। यानी इनका इस्तेमाल करने के लिए हर समय इंटरनेट कनेक्शन की जरूरत नहीं होगी।
क्या है EKA-1 AI मॉडल? जानें इसकी खासियत
तीनों मॉडल्स में EKA-1 सबसे बड़ा और एडवांस AI मॉडल बताया गया है। इसे बेंगलुरु के स्टार्टअप Soket Labs ने तैयार किया है। यह एक ओपन और स्पार्स हाइब्रिड लैंग्वेज मॉडल है, जिसे जटिल गणितीय समस्याओं, सॉफ्टवेयर प्रोग्रामिंग और लॉजिकल रीजनिंग जैसे कामों के लिए विकसित किया गया है।EKA-1 केवल सवालों के जवाब देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे AI एजेंट के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इसका मतलब है कि यह कई चरणों वाले कामों को समझकर उन्हें पूरा करने में मदद कर सकता है।
EKA-1 के प्रमुख फीचर्स:
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यह 26.3 बिलियन पैरामीटर्स पर आधारित है।
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इसे 7.5 ट्रिलियन टोकन्स के टेक्स्ट डेटा पर ट्रेन किया गया है।
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अंग्रेजी के साथ संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल सभी 22 भारतीय भाषाओं को समझने की क्षमता बताई गई है।
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एडवांस मैथ, कोडिंग और लॉजिकल रीजनिंग जैसे काम कर सकता है।
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बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और साइबर सिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों में इस्तेमाल के लिए तैयार किया गया है।
इसकी बहुभाषी क्षमता इसे भारतीय बाजार के लिए खास बनाती है। अलग-अलग भाषाओं में काम करने वाले संस्थानों और कंपनियों को इससे मदद मिल सकती है।
Dhir 2B और Dhir 5B मॉडल्स क्या कर सकते हैं?
EKA-1 जहां बड़े और जटिल कामों के लिए तैयार किया गया है, वहीं Dhir 2B और Dhir 5B को रोजमर्रा के डिजिटल काम आसान बनाने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। इन दोनों मॉडल्स को ZenteiQ AiTech Innovations ने तैयार किया है।ये ओपन-सोर्स मॉडल्स हैं और अंग्रेजी के अलावा 10 भारतीय भाषाओं को समझने में सक्षम बताए गए हैं। इनका इस्तेमाल डॉक्यूमेंट्स में जानकारी खोजने, जरूरी डेटा निकालने और बार-बार किए जाने वाले कामों को ऑटोमेट करने के लिए किया जा सकता है।इनके नाम में 2B और 5B का मतलब क्रमशः करीब 2 बिलियन और 5 बिलियन पैरामीटर्स से है। छोटे आकार के कारण इन्हें बड़े AI सिस्टम की तुलना में सीमित कंप्यूटिंग क्षमता वाले डिवाइस पर चलाना आसान हो सकता है।
बिना इंटरनेट भी चलेंगे ये AI मॉडल्स
Dhir 2B और Dhir 5B की सबसे खास बात इनका ऑफलाइन काम करने का विकल्प है। इन्हें मोबाइल फोन या लैपटॉप में डाउनलोड करके डिवाइस पर ही चलाया जा सकता है। इसके लिए हर बार इंटरनेट या क्लाउड सर्वर से कनेक्ट होने की जरूरत नहीं होगी।ऑफलाइन AI का सबसे बड़ा फायदा डेटा प्राइवेसी के लिहाज से हो सकता है। जब AI मॉडल सीधे डिवाइस पर काम करता है, तो यूजर का डेटा किसी बाहरी क्लाउड सर्वर पर भेजने की जरूरत कम हो सकती है।इससे उन संस्थानों को फायदा मिल सकता है, जहां गोपनीय दस्तावेजों और संवेदनशील जानकारियों के साथ काम किया जाता है।
इन क्षेत्रों में हो सकता है इस्तेमाल:
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सरकारी विभाग: गोपनीय दस्तावेजों को सर्च करने और जानकारी निकालने में मदद।
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रक्षा क्षेत्र: संवेदनशील डेटा के साथ स्थानीय स्तर पर काम करने की सुविधा।
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शिक्षा: छात्रों और शिक्षकों के लिए जानकारी खोजने और अध्ययन सामग्री तैयार करने में सहायता।
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प्राइवेट कंपनियां: दस्तावेजों का विश्लेषण और रोजमर्रा के कामों को ऑटोमेट करना।
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रिसर्च संस्थान: स्थानीय स्तर पर डेटा प्रोसेसिंग और विश्लेषण।
हालांकि, ऑफलाइन मॉडल इस्तेमाल करने के लिए डिवाइस में पर्याप्त स्टोरेज और प्रोसेसिंग क्षमता होना जरूरी होगा।
IndiaAI Mission ने कैसे की मदद?
AI मॉडल को शुरुआत से विकसित करना और उसे ट्रेन करना काफी महंगा और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण काम है। इसके लिए बड़ी कंप्यूटिंग क्षमता, विशेषज्ञों और भारी मात्रा में डेटा की जरूरत होती है।ऐसे में भारत सरकार के IndiaAI Mission ने देश के स्टार्टअप्स और रिसर्च संस्थानों को सहयोग देने की दिशा में काम किया है। इसके तहत कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तक पहुंच और रिसर्च से जुड़ी सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।इस सरकारी सहयोग का उद्देश्य भारतीय कंपनियों और स्टार्टअप्स को AI के क्षेत्र में मजबूत बनाना और विदेशी तकनीक पर निर्भरता कम करना है।
भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण हैं ये तीनों AI मॉडल?
दुनिया में AI तकनीक का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। ChatGPT और अन्य विदेशी AI प्लेटफॉर्म के बीच भारत के अपने मॉडल विकसित होना तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।भारत में सैकड़ों भाषाएं और अलग-अलग तरह की स्थानीय जरूरतें हैं। ऐसे में भारतीय भाषाओं को समझने वाले AI मॉडल सरकारी सेवाओं, कारोबार, शिक्षा और रिसर्च में उपयोगी साबित हो सकते हैं।EKA-1 जैसे बड़े मॉडल जटिल तकनीकी कामों में मदद कर सकते हैं, जबकि Dhir 2B और Dhir 5B जैसे छोटे मॉडल स्थानीय डिवाइस पर रोजमर्रा के काम आसान बना सकते हैं।