सरकार ने नए सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम को क्यों किया सस्पेंड?
नई दिल्ली, 16 जून (आईएएनएस)। सरकार ने हाल ही में शुरू किए गए 'सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम' (सीबीएस) यानी देशव्यापी आपात सार्वजनिक चेतावनी नेटवर्क को अस्थायी रूप से रोक दिया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह कदम देर रात भेजे गए एक गलत अलर्ट के बाद उठाया गया, जिससे सिस्टम की विश्वसनीयता को लेकर सवाल खड़े हुए हैं।
'द हिंदू' की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने निलंबन के पीछे की स्पष्ट वजह नहीं बताई है, हालांकि इसके पीछे किसी तकनीकी गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है।
रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि हरियाणा और उत्तर प्रदेश की आपदा प्रबंधन इकाइयों की ओर से जारी एक अलर्ट गलत प्राप्तकर्ता तक पहुंच गया था। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि यह अलर्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संपर्क नंबर तक पहुंचा, जिसके बाद एहतियातन सेवा को रोक दिया गया।
नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (एनडीएमए) ने 12 जून 2026 को सिस्टम को अस्थायी रूप से रोकने संबंधी एक एडवाइजरी जारी की। इसके बाद अधिकारियों ने सिस्टम की तकनीकी और परिचालन संबंधी समीक्षा शुरू कर दी है, ताकि सेवाओं को सुरक्षित रूप से बहाल किया जा सके।
सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट मोबाइल फोन पर तेज चेतावनी ध्वनि उत्पन्न कर सकते हैं और साइलेंट मोड को भी ओवरराइड कर सकते हैं। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि हरियाणा और उत्तर प्रदेश में डिजास्टर मैनेजमेंट यूनिट्स की ओर से जारी किए गए एक अलर्ट के कारण आधी रात को फोन बजने लगे।
रिपोर्ट के अनुसार, यह निलंबन अस्थायी है और सेवा की बहाली तकनीकी समीक्षा के निष्कर्षों तथा एनडीएमए के अगले निर्देशों पर निर्भर करेगी। समीक्षा पूरी होने और सुरक्षा उपायों को मजबूत किए जाने के बाद आगे की जानकारी जारी की जाएगी।
एनडीएमए और गृह मंत्रालय के साथ मिलकर टेलीकम्युनिकेशन्स विभाग के तहत 'सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स' द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित इस सिस्टम को मई 2026 में लॉन्च किया गया था, जो भारत के इमरजेंसी रिस्पॉन्स फ्रेमवर्क को एक बड़ी मजबूती देता है।
सरकार के अनुसार, इस एडवांस्ड सिस्टम को इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि यह आपदाओं, आपातकालीन स्थितियों और जन-सुरक्षा से जुड़ी ज़रूरी जानकारी सीधे नागरिकों के मोबाइल फ़ोन पर रियल-टाइम में पहुंचा सके।
इस प्रणाली के कार्यान्वयन से पहले देशव्यापी परीक्षण भी किया गया था, जिसके दौरान मोबाइल उपयोगकर्ताओं को बीप ध्वनि के साथ 'इमरजेंसी अलर्ट' संदेश प्राप्त हुए थे।
अधिकारियों का कहना है कि प्राकृतिक आपदाओं, खराब मौसम और अन्य आपात स्थितियों के दौरान त्वरित एवं प्रभावी सूचना प्रसार सुनिश्चित करने की दिशा में यह पहल एक महत्वपूर्ण कदम है।
--आईएएनएस
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