स्कोडा ऑटो फॉक्सवैगन ने पुणे प्लांट में 'टाइगुन' का उत्पादन शुरू किया, 'मेक इन इंडिया' को मिलेगा बढ़ावा
नई दिल्ली, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। स्कोडा ऑटो फॉक्सवैगन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (एसएवीडब्ल्यूआईपीएल) ने मंगलवार को पुणे स्थित अपने मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में अपडेटेड फॉक्सवैगन टाइगुन का उत्पादन शुरू करने का ऐलान किया, इससे कंपनी की 'मेक इन इंडिया, फॉर इंडिया एंड द वर्ल्ड' रणनीति को मजबूती मिली है।
कंपनी के अनुसार, अपडेटेड टाइगुन में नया डिजाइन और बेहतर प्रीमियम फीचर्स दिए गए हैं, साथ ही इसे भारतीय ड्राइविंग परिस्थितियों के अनुरूप बनाया गया है। यह यूरोपीय ड्राइविंग डायनामिक्स, आराम और सुरक्षा मानकों पर केंद्रित है।
कंपनी के प्रबंध निदेशक और सीईओ पीयूष अरोरा ने कहा, "नई फॉक्सवैगन टाइगुन का उत्पादन शुरू होना भारत में हमारे मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम की परिपक्वता को दर्शाता है।"
उन्होंने आगे कहा कि कंपनी की भारत स्थित इकाइयां वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी वाहनों का उच्च स्तरीय स्थानीयकरण करने के लिए तैयार हैं, जिससे यह घरेलू और निर्यात दोनों बाजारों की जरूरतों को कुशलतापूर्वक पूरा कर सके।
फॉक्सवैगन इंडिया के ब्रांड निदेशक नितिन कोहली ने कहा कि ताइगुन लॉन्च के बाद से ही कंपनी की एसयूवी रणनीति का केंद्र रही है और कंपनी के पोर्टफोलियो को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि चाकन प्लांट में उत्पादन भारतीय उपभोक्ताओं के प्रति कंपनी की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
2021 में लॉन्च हुई ताइगुन ने प्रदर्शन, आराम और सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करते हुए बाजार में अपनी मजबूत पकड़ बना ली है।
इसके अलावा, ऑटो कंपनी के अनुसार, भारत में अब तक 1.43 लाख से अधिक यूनिट्स का उत्पादन हो चुका है, जिनमें से लगभग 30 प्रतिशत का निर्यात वैश्विक बाजारों में किया गया है।
पुणे स्थित यह कंपनी ऑडी, पोर्श, लैम्बोर्गिनी और बेंटले सहित फॉक्सवैगन समूह के छह ब्रांडों का भारत में संचालन करती है।
फॉक्सवैगन ने 25 वर्ष पूर्व भारत में परिचालन शुरू किया था और वर्तमान में चाकन और छत्रपति संभाजीनगर में दो विनिर्माण संयंत्र संचालित करती है, जिनकी संयुक्त वार्षिक उत्पादन क्षमता 3.15 लाख यूनिट्स है।
वर्तमान में, कंपनी के लगभग 700 ग्राहक संपर्क केंद्र हैं और लगभग 5,000 कर्मचारी कार्यरत हैं।
--आईएएनएस
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