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सीबीएएम और 50 प्रतिशत स्टील आयात शुल्क से यूरोप को होगा नुकसान, भरोसा ही व्यापार की सबसे बड़ी मुद्रा: पीयूष गोयल

 

नई दिल्ली, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने यूरोपीय देशों को चेतावनी देते हुए कहा है कि कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म (सीबीएएम) और स्टील आयात पर 50 प्रतिशत तक के शुल्क जैसे कदम अंततः यूरोप की अर्थव्यवस्था, उद्योग और उपभोक्ताओं के लिए नुकसानदायक साबित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि आज के वैश्विक व्यापार में भरोसा सबसे मजबूत और सबसे मूल्यवान मुद्रा है।

'बर्लिन ग्लोबल डायलॉग 2026' के दौरान प्रश्नोत्तर सत्र में गोयल ने कहा, "यदि आपने स्वयं पर सीबीएएम लागू कर लिया है और स्टील आयात पर 50 प्रतिशत शुल्क लगा दिया है, तो आप अपने लिए मुश्किलें खड़ी कर रहे हैं। इससे जीवन-यापन की लागत बढ़ेगी, लोग महंगाई से परेशान होंगे और आपके उद्योग वैश्विक प्रतिस्पर्धा में पिछड़ जाएंगे।"

गोयल ने जोर देकर कहा कि भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के सामने विश्वास, प्रतिस्पर्धात्मकता और एक-दूसरे की पूरक क्षमताओं पर आधारित मजबूत आर्थिक साझेदारी विकसित करने का बड़ा अवसर है।

बर्लिन में आयोजित एक अन्य कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत और जर्मनी के बीच द्विपक्षीय व्यापार वर्तमान लगभग 31 अरब यूरो से बढ़कर 310 अरब यूरो तक पहुंच सकता है, यदि दोनों देश अपनी-अपनी ताकतों का बेहतर उपयोग करें और संयुक्त रूप से नई तकनीकों तथा उत्पादों का विकास करें। हालांकि उन्होंने इस लक्ष्य को हासिल करने की कोई समयसीमा नहीं बताई।

गौरतलब है कि गोयल 22 से 27 अक्टूबर तक जर्मनी और नीदरलैंड की आधिकारिक यात्रा पर हैं। उनके साथ लगभग 100 भारतीय उद्योगों और स्टार्टअप्स का प्रतिनिधिमंडल भी गया है।

इस दौरान जर्मनी की आर्थिक मामलों और ऊर्जा मंत्री कैथरीना रीचे ने भी दोनों देशों के बीच लालफीताशाही कम करने और संयुक्त परियोजनाओं को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार को मौजूदा स्तर से दोगुना किया जा सकता है।

भारत-जर्मनी बिजनेस राउंडटेबल और जर्मन काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस (डीजीएपी) के इंडिया सेंटर के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर इस वर्ष के अंत तक हस्ताक्षर होने की उम्मीद है और अगले चार से पांच महीनों में इसे लागू भी किया जा सकता है।

दिन में इससे पहले गोयल और रीचे के बीच द्विपक्षीय बैठक भी हुई, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), सेमीकंडक्टर, ऊर्जा और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।

गोयल ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि दोनों नेताओं ने एआई, सेमीकंडक्टर, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, क्रिटिकल मिनरल्स, ग्रीन हाइड्रोजन, नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण और मजबूत सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया। साथ ही भारत के औद्योगिक और डिजिटल इकोसिस्टम में निवेश बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।

उन्होंने कहा कि भारत-ईयू एफटीए दोनों पक्षों के कारोबारों के लिए 'गेम चेंजर' साबित हो सकता है और इससे भारत तथा जर्मनी की कंपनियों को अपनी पूरी क्षमता हासिल करने का अवसर मिलेगा।

--आईएएनएस

डीबीपी