म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में जुलाई में आया 2.35 लाख करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश, एयूएम बढ़कर 85.76 लाख करोड़ रुपए पहुंचा: एम्फी डेटा
नई दिल्ली, 11 अगस्त (आईएएनएस)। एम्फी यानी एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एएमएफआई) द्वारा मंगलवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में म्यूचुअल फंड स्कीम्स में 2.35 लाख करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश (नेट इन्फ्लो) दर्ज किया गया। इसके साथ ही भारतीय म्यूचुअल फंड उद्योग का कुल एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) बढ़कर 85.76 लाख करोड़ रुपए के स्तर पर पहुंच गया।
जुलाई में सबसे अधिक निवेश ऋण आधारित (डेट-ओरिएंटेड) योजनाओं में देखने को मिला, जिसमें 1.88 लाख करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश आया, जिसने कुल निवेश प्रवाह में प्रमुख योगदान दिया।
वहीं, इक्विटी म्यूचुअल फंड स्कीम्स में भी निवेशकों की रुचि बनी रही। जुलाई के दौरान इक्विटी-उन्मुख फंडों में 24,697 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया, जो यह दर्शाता है कि शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद निवेशकों का लंबी अवधि के निवेश पर भरोसा कायम है।
एएमएफआई के आंकड़ों के अनुसार, 31 जुलाई 2026 तक म्यूचुअल फंड उद्योग का कुल एयूएम 85,75,656.52 करोड़ रुपए रहा। वहीं, जुलाई के दौरान औसत एयूएम 86,33,798.38 करोड़ रुपए दर्ज किया गया।
उद्योग में सबसे बड़ा योगदान ओपन-एंडेड स्कीम्स का रहा, जिनमें 2,36,595 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश आया और इनका कुल एयूएम बढ़कर 85.59 लाख करोड़ रुपए हो गया।
इक्विटी स्कीम्स में स्मॉल-कैप फंड्स ने सबसे अधिक निवेश आकर्षित किया। जुलाई में इनमें 7,767.50 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश आया। इसके बाद मिड-कैप फंड्स में 6,192.31 करोड़ रुपए और फ्लेक्सी-कैप फंड्स में 4,709.08 करोड़ रुपए का निवेश दर्ज किया गया।
इसके अलावा, लार्ज एंड मिड-कैप फंड्स में 3,425.34 करोड़ रुपए तथा मल्टी-कैप फंड्स में 3,227.29 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश हुआ। सेक्टोरल और थीमैटिक फंड्स में भी 1,328.27 करोड़ रुपए का निवेश देखने को मिला।
हालांकि, सभी इक्विटी श्रेणियों में तेजी नहीं रही। लार्ज-कैप फंड्स से 1,321.69 करोड़ रुपए की निकासी हुई। वहीं ईएलएसएस स्कीम्स से 959.13 करोड़ रुपए और डिविडेंड यील्ड फंड्स से 169.16 करोड़ रुपए का शुद्ध बहिर्वाह (आउटफ्लो) दर्ज किया गया।
जुलाई में हाइब्रिड फंड्स में कुल 11,490.56 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश आया, जिनमें आर्बिट्राज फंड्स सबसे आगे रहे, जिन्होंने 6,502.44 करोड़ रुपए आकर्षित किए। इसके बाद मल्टी-एसेट एलोकेशन फंड्स में 3,753.38 करोड़ रुपए का निवेश दर्ज किया गया।
अन्य स्कीम्स में एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ईटीएफ) को 9,512.05 करोड़ रुपए का निवेश प्राप्त हुआ। वहीं गोल्ड ईटीएफ में 1,558.75 करोड़ रुपए और इंडेक्स फंड्स में 1,536.60 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश आया।
डेट-ओरिएंटेड स्कीम्स में लिक्विड फंड्स निवेशकों की सबसे पसंदीदा श्रेणी रहे, जिनमें 1,19,065.85 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश आया।
इसके अलावा, ओवरनाइट फंड्स में 40,412.55 करोड़ रुपए और मनी मार्केट फंड्स में 21,180.23 करोड़ रुपए का निवेश दर्ज किया गया। इससे संकेत मिलता है कि संस्थागत और कॉर्पोरेट निवेशक अल्पकालिक निवेश विकल्पों में सक्रिय बने हुए हैं।
एम्फी के अनुसार, 31 जुलाई 2026 तक म्यूचुअल फंड उद्योग में कुल 28.09 करोड़ फोलियो दर्ज किए गए। फोलियो की लगातार बढ़ती संख्या यह दर्शाती है कि देश में खुदरा निवेशकों की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है और म्यूचुअल फंड निवेश का दायरा लगातार विस्तृत हो रहा है।
--आईएएनएस
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