टेक दिग्गज मेटा में बड़ी छंटनी की तैयारी! अगले महीने 10 प्रतिशत वैश्विक कर्मचारियों की जा सकती है नौकरी: रिपोर्ट
नई दिल्ली, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिकी टेक दिग्गज मेटा अगले महीने अपने ग्लोबल वर्कफोर्स में बड़ी कटौती करने की तैयारी कर रही है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी कम से कम 10 प्रतिशत यानी करीब 8,000 कर्मचारियों की छंटनी कर सकती है।
रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, साल के दूसरे हिस्से में और छंटनी की योजना बनाई जा रही है, हालांकि उसके बारे में अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। मई में होने वाली पहली छंटनी में कंपनी अपने कुल कर्मचारियों का करीब 10 प्रतिशत घटा सकती है।
बताया जा रहा है कि यह फैसला काफी हद तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जुड़े विकास पर निर्भर करेगा। अगर योजना पूरी तरह लागू होती है, तो कंपनी अपने कुल कर्मचारियों का 20 प्रतिशत या उससे ज्यादा भी कम कर सकती है। ऐसे में करीब 16,000 कर्मचारियों की नौकरी पर असर पड़ सकता है, क्योंकि दिसंबर 2025 तक कंपनी में लगभग 79,000 कर्मचारी थे।
हालांकि, मार्क जुकरबर्ग के नेतृत्व वाली कंपनी ने अभी तक इस छंटनी की योजना की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और रिपोर्ट पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
इस बीच, साल 2026 में दुनिया भर की टेक कंपनियों में छंटनी का सिलसिला तेज हो गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल की पहली तिमाही में ही 80,000 से ज्यादा नौकरियां जा चुकी हैं और पूरे साल में यह आंकड़ा 3 लाख से ज्यादा पहुंच सकता है।
यह छंटनी कोविड के बाद के दौर में कंपनियों द्वारा की गई तेज भर्ती के बाद अब संतुलन बनाने की प्रक्रिया का हिस्सा मानी जा रही है। 2021 के बाद से अब तक दुनिया भर में 10 लाख से ज्यादा टेक नौकरियां खत्म हो चुकी हैं।
रिपोर्ट में बताया गया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और ऑटोमेशन इस बदलाव के बड़े कारण बनकर उभरे हैं। 2026 में होने वाली लगभग आधी छंटनी एआई से जुड़े बदलावों के कारण हो रही है।
सबसे ज्यादा असर अमेरिका में देखा गया है, जहां अब तक करीब 77 प्रतिशत छंटनी हुई है। इस साल 62 कंपनियों में 61,000 से ज्यादा कर्मचारियों की नौकरी जा चुकी है।
कंपनियों की बात करें तो ओरेकल ने सबसे ज्यादा 25,000 से ज्यादा कर्मचारियों को निकाला है, जो एआई इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े बड़े बदलाव का हिस्सा है। इसके बाद अमेजन ने करीब 16,000 नौकरियां कम की हैं, जहां कंपनी अपने ऑपरेशन को ज्यादा कुशल बनाने पर फोकस कर रही है।
--आईएएनएस
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