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भारत के एमईआई सेक्टर में नौकरियों में 6.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी, भर्ती का रुझान मजबूत

 

नई दिल्ली, 28 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत के मैन्युफैक्चरिंग, इंजीनियरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर (एमईआई) सेक्टर में वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में रोजगार में 6.6 प्रतिशत की शुद्ध बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो पिछले साल के 5.5 प्रतिशत से ज्यादा है।

मंगलवार को जारी टीमलीज सर्विसेज की रिपोर्ट के अनुसार, करीब 70 प्रतिशत कंपनियां अपने कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की योजना बना रही हैं। इससे पता चलता है कि इस सेक्टर में भर्ती का रुझान काफी मजबूत हुआ है और यह देश के शीर्ष तीन सेक्टरों में शामिल है जहां सबसे ज्यादा भर्ती की जा रही है।

टीमलीज सर्विसेज के वरिष्ठ उपाध्यक्ष बालासुब्रमणियन ए. ने कहा कि एमईआई सेक्टर अब रिकवरी फेज से आगे निकल चुका है और रोजगार में यह बढ़ोतरी सेमीकंडक्टर, क्लीन एनर्जी और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग में बढ़ते निवेश का नतीजा है।

रिपोर्ट के अनुसार, गुजरात, तमिलनाडु और कर्नाटक में सेमीकंडक्टर निवेश से 2026-28 के बीच लगभग 10 लाख नौकरियां पैदा हो सकती हैं। इनमें फैब्रिकेशन, असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग, पैकेजिंग (एटीएमपी), चिप डिजाइन और सप्लाई चेन जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि नेशनल मैन्युफैक्चरिंग मिशन, क्लीन टेक मैन्युफैक्चरिंग और पीएलआई योजनाओं के जरिए पूरे सेक्टर में रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं।

कंपनी ने बताया कि इंडस्ट्री 4.0 के बढ़ते उपयोग से अब ज्यादा डिजिटल और उच्च कौशल वाले कर्मचारियों की मांग बढ़ रही है, खासकर प्लांट ऑपरेशन और इंजीनियरिंग डिजाइन में।

प्लांट इंजीनियरिंग, ऑटोमेशन इंजीनियरिंग, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट, एटीएमपी ऑपरेशन और सस्टेनेबिलिटी से जुड़े मैन्युफैक्चरिंग रोल्स में सबसे ज्यादा मांग बनी हुई है।

23 उद्योगों के 1,268 नियोक्ताओं के सर्वे के आधार पर, रिपोर्ट में कहा गया कि इंजीनियरिंग सेक्टर में 33 प्रतिशत कंपनियां भर्ती बढ़ाने की योजना बना रही हैं, जबकि 46 प्रतिशत कंपनियां अपने कर्मचारियों की संख्या स्थिर रखेंगी।

शहरों में चेन्नई सबसे आगे है, जहां 24 प्रतिशत तक भर्ती बढ़ने की संभावना है। इसके बाद पुणे (20 प्रतिशत) और बेंगलुरु (18 प्रतिशत) का स्थान है। पुणे में मैन्युफैक्चरिंग और रिसर्च सेंटर होने के कारण भर्ती तेजी से बढ़ रही है।

तमिलनाडु, महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्य ऑटोमोबाइल, सेमीकंडक्टर और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के जरिए रोजगार बढ़ाने में आगे हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 में एमईआई सेक्टर में सैलरी में 9.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है, जो आईटी (8.9 प्रतिशत), बैंकिंग (8.8 प्रतिशत) और इंश्योरेंस (8.7 प्रतिशत) से ज्यादा है। चेन्नई और पुणे में सैलरी बढ़ोतरी सबसे ज्यादा 9.8 प्रतिशत रहने की उम्मीद है।

--आईएएनएस

डीबीपी