कच्चे तेल का दाम 2027 तक कम होकर 80 डॉलर प्रति बैरल रहने की उम्मीद: रिपोर्ट
नई दिल्ली, 17 अक्टूबर (आईएएनएस)। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल का दाम कम होकर 2027 में 80 डॉलर प्रति बैरल तक आ सकता है। इसकी वजह मध्य पूर्व से आपूर्ति बहाल होना और बाजार में मांग के मुकाबले आपूर्ति अधिशेष में जाने की संभावना है। यह जानकारी एक नई रिपोर्ट में दी गई।
गोल्डमैन सैश की रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका-इजरायल-ईरान संघर्ष के फिर से तेज होने से कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रह सकती हैं।
अपने निकट-अवधि के अनुमान में बदलाव करते हुए, निवेश बैंक ने दिसंबर 2026 में बेंचमार्क ब्रेंट की कीमत 90 डॉलर प्रति बैरल रहने का अनुमान लगाया है, जो पहले 85 डॉलर प्रति बैरल था। वहीं, 2027 में इसके औसतन 80 डॉलर प्रति बैरल रहने की उम्मीद जताई है।
मध्य पूर्व से तेल निर्यात में सुधार, फारस की खाड़ी के बाहर उत्पादन में वृद्धि और मांग में कमी के कारण वैश्विक स्तर पर आपूर्ति की कमी काफी कम हो गई है।
जैसे-जैसे निर्यातकों ने संघर्ष के माहौल में खुद को ढाला और परिवहन क्षमता बढ़ाई, सितंबर के अंत तक फारस की खाड़ी से तेल का निर्यात वापस 2025 के औसत स्तर के करीब पहुंच गया।
हालांकि, आपूर्ति से जुड़े जोखिमों के कारण कीमतें ऊंची बनी हुई हैं। निकट-अवधि की डिलीवरी के लिए 'फिजिकल ब्रेंट क्रूड' की कीमतें 130 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई हैं, जबकि बेंचमार्क ब्रेंट फ्यूचर्स हाल ही में 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर कारोबार कर रहे हैं।
निवेश बैंक के अनुसार, सितंबर में बाजार लगभग संतुलित था। मांग, आपूर्ति से केवल 0.3 मिलियन बैरल प्रति दिन अधिक थी, जबकि मार्च में यह कमी 7.2 मिलियन बैरल प्रति दिन तक थी।
रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि 2026 की चौथी तिमाही में वैश्विक तेल बाजार अधिशेष की स्थिति में आ जाएगा और 2027 में भी यही स्थिति बनी रहेगी, जिससे भविष्य में कीमतें कम होने की संभावना है। वर्तमान में कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 25 डॉलर प्रति बैरल का 'रिस्क प्रीमियम' शामिल है। ऐसा इसलिए है क्योंकि संघर्ष बढ़ने पर आपूर्ति में रुकावट आ सकती है और मौजूदा स्टॉक का और अधिक इस्तेमाल करना पड़ सकता है।
मांग के मोर्चे पर, चीन, मध्य पूर्व और विकसित एशियाई अर्थव्यवस्थाओं में वैश्विक तेल की खपत काफी कमजोर रही है।
रिपोर्ट में अनुमान जताया गया है कि जैसे-जैसे रिफाइंड तेल उत्पादों की उपलब्धता बढ़ेगी और वे अधिक किफायती होंगे, मांग में धीरे-धीरे सुधार आएगा।
इस सप्ताहांत ब्रेंट क्रूड की कीमत 110 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, जो मई के बाद पहला मौका है। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि निकट भविष्य में आपूर्ति की स्थिति सुधरने की उम्मीदें खत्म हो गईं और सप्ताहांत से पहले व्यापारियों ने कीमतों में और बढ़ोतरी की उम्मीद में दांव लगाना शुरू कर दिया।
--आईएएनएस
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