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बजट 2026 शिक्षा और रोजगार सृजन को बढ़ावा देगा : केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान

 

नई दिल्ली, 1 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने रविवार को केंद्रीय बजट 2026-27 को ‘विकसित भारत बजट’ बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट शिक्षा को मजबूत करेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा करने में मददगार साबित होगा।

धर्मेंद्र प्रधान ने एक वीडियो जारी कर कहा, “विकसित भारत बजट सबको साथ लेकर चलता है। यह शिक्षा और रोजगार सृजन को बढ़ावा देता है और विकास के अगले चरण का रोडमैप प्रस्तुत करता है।”

मंत्री ने कहा कि यह बजट देश के विकास के अगले चरण की स्पष्ट रूपरेखा पेश करता है।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष के बजट में शिक्षा के लिए आवंटन पिछले बजट की तुलना में 8.27 प्रतिशत बढ़ाया गया है। यह बढ़ोतरी सरकार की शिक्षा के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

धर्मेंद्र प्रधान ने बजट को दूरदर्शी, युवा-केंद्रित, जन-हितैषी और रोजगार पर केंद्रित बताया।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, “यह बजट ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र पर आधारित है, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को विशेष लाभ मिलेगा।”

शिक्षा मंत्री ने कहा कि बजट में शिक्षा को मजबूत करने और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप कौशल विकसित करने के लिए बड़े और साहसिक निवेश किए गए हैं, जो देश के हर कोने तक असर दिखाएंगे।

बजट भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार ‘शिक्षा से रोजगार और उद्यम’ पर केंद्रित एक उच्चस्तरीय स्थायी समिति गठित करेगी, जो सेवा क्षेत्र को विकसित भारत का प्रमुख आधार बनाने के लिए सुझाव देगी।

इन उपायों में प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक कॉरिडोर के आसपास पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप की स्थापना और एसटीईएम शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए हर जिले में एक बालिका छात्रावास बनाने का प्रस्ताव शामिल है।

वित्त मंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा के एसटीईएम संस्थानों में लंबे समय तक पढ़ाई और लैब कार्य के कारण छात्राओं को चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इसे ध्यान में रखते हुए वीजीएफ/कैपिटल सपोर्ट के जरिए हर जिले में एक बालिका छात्रावास स्थापित किया जाएगा।

बजट में पूर्वी भारत में राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन) स्थापित करने का भी प्रस्ताव है।

इसके अलावा, 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित की जाएंगी और भारत की सांस्कृतिक, विरासत और आध्यात्मिक ज्ञान को एक मंच पर लाने के लिए डिजिटल नॉलेज ग्रिड विकसित किया जाएगा।

--आईएएनएस

एएमटी/एबीएम