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अब रेस्क्यू ऑपरेशन होगा और आसान! मक्खियों जैसे माइक्रो रोबोट मलबे में दबे लोगों का पता लगाने में करेंगे मदद

 

MIT के रिसर्चर्स ने ऐसे एरियल माइक्रो-रोबोट बनाए हैं जो मक्खियों की तरह उड़ते हैं। ये छोटे रोबोट भूकंप जैसी आपदाओं के बाद मलबे में फँसे लोगों को खोजने में मदद कर सकते हैं। इनमें AI-बेस्ड कंट्रोलर होते हैं जो इनकी उड़ान को कंट्रोल करते हैं। पहले भी ऐसे छोटे रोबोट बनाए गए हैं, लेकिन उनकी स्पीड कम थी और वे ज़्यादा दूर तक नहीं उड़ पाते थे। अब, लगभग पाँच साल की डेवलपमेंट के बाद, वैज्ञानिकों ने इन समस्याओं को दूर कर लिया है।

इन उड़ने वाले रोबोट में कितना सुधार हुआ है?

यह रोबोट एक डुअल-कंपोनेंट कंट्रोल सिस्टम का इस्तेमाल करता है जो बेहतरीन परफॉर्मेंस और अच्छी एफिशिएंसी देता है। पिछले मॉडल की तुलना में, नए वर्शन की स्पीड चार गुना से ज़्यादा और एक्सेलरेशन दोगुने से ज़्यादा है। इसके अलावा, नया वर्शन तेज़ हवा में भी स्टेबल रहता है। छोटे साइज़ की वजह से हवा का असर तो इस पर पड़ता ही है; फिर भी, टेस्टिंग के दौरान तेज़ तूफ़ान के बावजूद यह अपने तय रास्ते से सिर्फ़ 4-5 सेंटीमीटर ही भटका। भले ही एक माइक्रो-रोबोट का वज़न पेपरक्लिप से भी कम हो, लेकिन यह हवा में मुश्किल हरकतें करने में सक्षम है।

नए वर्शन में और क्या बदलाव हुए हैं?

रिसर्चर्स ने बताया कि नया मॉडल ज़्यादा मज़बूत है और इसके पंख बड़े हैं। ये सॉफ्ट आर्टिफिशियल मसल्स से चलते हैं जो पंखों को तेज़ी से आगे-पीछे घुमाने में सक्षम हैं। साथ ही, नए AI-पावर्ड कंट्रोलर के इस्तेमाल से रोबोट की पोज़िशन को ट्रैक करना और उसकी मूवमेंट को कंट्रोल करना आसान हो गया है।

इन्हें सेंसर और कैमरे से लैस करने की योजना

रिसर्चर्स अब इन रोबोट को कैमरे और सेंसर से लैस करने की तैयारी कर रहे हैं। एक बार ये लग जाने के बाद, रोबोट बाहरी माहौल में खुद-ब-खुद रास्ता तय कर सकेंगे। वैज्ञानिक ऐसे सेंसर लगाने पर भी काम कर रहे हैं जो रोबोट को आपस में टकराने से बचाएंगे। इस रिसर्च में शामिल एसोसिएट प्रोफ़ेसर केविन चेन ने कहा कि वे इन रोबोट का इस्तेमाल ऐसी स्थितियों में करने की कोशिश कर रहे हैं जहाँ पारंपरिक क्वाडकॉप्टर रोबोट नहीं पहुँच पाते। ये नए माइक्रो-रोबोट मक्खियों जैसी स्पीड से उड़ सकते हैं और इनमें ज़बरदस्त एक्सेलरेशन होता है।