FM Radio in Smartphones: आखिर क्यों गायब हो गया मोबाइल का सबसे पसंदीदा फीचर? जानें इसके पीछे की पूरी कहानी
एक दौर था जब मोबाइल फोन सिर्फ कॉल और मैसेज करने का जरिया नहीं था। फोन में मौजूद FM रेडियो लोगों के लिए मनोरंजन और जानकारी का आसान साधन हुआ करता था। सफर के दौरान गाने सुनने हों, ताजा खबरें जाननी हों या स्थानीय कार्यक्रमों का आनंद लेना हो, मोबाइल का FM रेडियो बेहद काम आता था।
सबसे खास बात यह थी कि इसके लिए न तो मोबाइल डेटा की जरूरत होती थी और न ही किसी पेड सब्सक्रिप्शन की। लेकिन स्मार्टफोन और तेज इंटरनेट के दौर में FM रेडियो धीरे-धीरे मोबाइल फोन से गायब होता चला गया।
जब फोन में ही मिलता था फ्री रेडियो
कुछ साल पहले तक बजट और मिड-रेंज स्मार्टफोन में FM रेडियो लगभग एक सामान्य फीचर हुआ करता था। यूजर्स ईयरफोन लगाकर सीधे फोन पर अपने पसंदीदा स्थानीय FM स्टेशन सुन सकते थे।
ईयरफोन की वायर ही रेडियो के लिए एंटीना का काम करती थी। यही वजह थी कि बिना इंटरनेट कनेक्शन के भी फोन को रेडियो की तरह इस्तेमाल किया जा सकता था।
खासकर ग्रामीण और ऐसे इलाकों में जहां मोबाइल इंटरनेट की पहुंच सीमित थी, यह सुविधा काफी उपयोगी साबित होती थी। लोग स्थानीय खबरों, गानों और मनोरंजन के लिए FM रेडियो पर निर्भर रहते थे।
2013 में स्मार्टफोन FM को फिर लोकप्रिय बनाने की कोशिश
स्मार्टफोन में FM रेडियो को बढ़ावा देने की एक बड़ी कोशिश साल 2013 में देखने को मिली। ब्रॉडकास्टर Emmis Communications ने NextRadio ऐप के जरिए मोबाइल फोन पर FM प्रसारण को लोकप्रिय बनाने की कोशिश की।
कंपनी ने इसके लिए Sprint के साथ साझेदारी की और कुछ स्मार्टफोन में FM रेडियो की सुविधा उपलब्ध कराई। बाद में NextRadio ने LG और Samsung जैसे बड़े स्मार्टफोन निर्माताओं के साथ भी काम किया।
हालांकि, यह पहल लंबे समय तक सफल नहीं हो सकी। मोबाइल ऑपरेटरों की तरफ से यह तर्क दिया गया कि ग्राहकों में FM रेडियो फीचर की मांग पर्याप्त नहीं है। धीरे-धीरे NextRadio का यह अभियान भी खत्म हो गया।
इंटरनेट ने बदल दिया लोगों का सुनने का तरीका
स्मार्टफोन से FM रेडियो के गायब होने की सबसे बड़ी वजह इंटरनेट स्ट्रीमिंग का तेजी से बढ़ना माना जा सकता है।
आज यूजर्स के पास YouTube, Spotify और दूसरे म्यूजिक व पॉडकास्ट प्लेटफॉर्म मौजूद हैं। इन सेवाओं के जरिए लोग अपनी पसंद के गाने, पॉडकास्ट, न्यूज और दूसरे ऑडियो कंटेंट को अपनी सुविधा के अनुसार कभी भी सुन सकते हैं।
यानी जहां FM रेडियो में उपलब्ध स्टेशन और कार्यक्रम के हिसाब से कंटेंट सुनना पड़ता था, वहीं स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म ने यूजर को अपनी पसंद का कंटेंट चुनने की आजादी दे दी।
4G और 5G ने FM रेडियो को और पीछे धकेला
मोबाइल इंटरनेट की स्पीड बढ़ने के साथ ऑनलाइन ऑडियो और वीडियो स्ट्रीमिंग बेहद आसान हो गई। 4G के बाद 5G नेटवर्क ने इस बदलाव को और तेज किया।
अब यूजर्स के लिए इंटरनेट के जरिए लाइव रेडियो, म्यूजिक, पॉडकास्ट और न्यूज सुनना ज्यादा सुविधाजनक हो गया है। ऐसे में स्मार्टफोन कंपनियों ने भी फोन के हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर में उन फीचर्स को प्राथमिकता देना शुरू किया, जिनकी मांग ज्यादा है।
FM रेडियो पूरी तरह खत्म क्यों नहीं हुआ?
हालांकि ज्यादातर आधुनिक स्मार्टफोन में FM रेडियो पहले की तरह आम नहीं है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि FM प्रसारण खत्म हो गया है। कई जगह आज भी लोग पारंपरिक रेडियो और मोबाइल ऐप्स के जरिए रेडियो सुनते हैं।
फर्क सिर्फ इतना है कि स्मार्टफोन अब रेडियो सुनने का एकमात्र या सबसे आसान माध्यम नहीं रहा। इंटरनेट ने यूजर्स को ऑडियो कंटेंट के लिए कहीं ज्यादा विकल्प दे दिए हैं।
एक फीचर से बदल गया पूरा मोबाइल अनुभव
FM रेडियो कभी मोबाइल फोन की खास खूबियों में गिना जाता था। बिना इंटरनेट और बिना किसी सब्सक्रिप्शन के मनोरंजन उपलब्ध कराने वाला यह फीचर खासतौर पर उस समय बेहद उपयोगी था, जब मोबाइल डेटा महंगा और नेटवर्क सीमित था।
लेकिन स्मार्टफोन, 4G-5G और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म के बढ़ते इस्तेमाल ने लोगों की आदतें बदल दीं। यही वजह है कि आज कई यूजर्स को पुराने मोबाइल का FM रेडियो फीचर याद तो आता है, लेकिन नई पीढ़ी के स्मार्टफोन में इसकी जगह लगभग खत्म हो चुकी है।