☰
×

Smartphone बेचने से पहले जरूर करें ये काम, Factory Reset के बाद भी लीक हो सकती हैं आपकी प्राइवेट तस्वीरें

 

आज के समय में स्मार्टफोन में लोगों की निजी तस्वीरें, वीडियो, बैंकिंग डिटेल्स और कई जरूरी दस्तावेज मौजूद रहते हैं। ऐसे में जब लोग अपना पुराना फोन बेचते हैं या एक्सचेंज में नया स्मार्टफोन लेते हैं, तो सबसे पहले उसे फैक्ट्री रीसेट कर देते हैं। ज्यादातर लोगों को लगता है कि इससे फोन का पूरा डेटा हमेशा के लिए मिट जाता है। लेकिन कुछ परिस्थितियों में पुराना डेटा रिकवर होने का खतरा बना रह सकता है।

दरअसल, डेटा डिलीट करना और उसे स्टोरेज से पूरी तरह मिटाना अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। कई स्टोरेज सिस्टम में फाइल डिलीट होने पर उसका इंडेक्स हट जाता है, जबकि वास्तविक डेटा कुछ समय तक मेमोरी में मौजूद रह सकता है। हालांकि, आधुनिक स्मार्टफोन में एन्क्रिप्शन और सिक्योर इरेज जैसी तकनीकों के कारण स्थिति पहले से काफी सुरक्षित है।

डिलीट होने के बाद भी कैसे बचा रह सकता है डेटा?

इसे आसान भाषा में समझें तो स्मार्टफोन की स्टोरेज एक किताब की तरह होती है। जब आप कोई फोटो या वीडियो डिलीट करते हैं, तो कुछ सिस्टम में उस फाइल का पता यानी इंडेक्स हटा दिया जाता है, लेकिन उसका डेटा तुरंत नष्ट नहीं होता। उस जगह को सिस्टम दोबारा इस्तेमाल के लिए खाली मान लेता है।

ऐसी जगह को अनएलोकेटेड स्पेस कहा जाता है। जब तक उस स्टोरेज पर नया डेटा नहीं लिखा जाता, कुछ परिस्थितियों में पुरानी फाइलों को रिकवर किया जा सकता है। इस प्रक्रिया को डेटा ओवरराइटिंग कहा जाता है।

रिकवरी सॉफ्टवेयर से वापस आ सकती हैं फाइलें

इंटरनेट पर कई डेटा रिकवरी टूल उपलब्ध हैं, जिनकी मदद से डिलीट हुई फाइलों को खोजने की कोशिश की जाती है। हालांकि, इनकी सफलता फोन के मॉडल, ऑपरेटिंग सिस्टम, स्टोरेज तकनीक और एन्क्रिप्शन पर निर्भर करती है।

खासकर पुराने या बिना एन्क्रिप्शन वाले डिवाइस में डेटा रिकवरी का खतरा अधिक हो सकता है। आधुनिक स्मार्टफोन में फैक्ट्री रीसेट के दौरान एन्क्रिप्शन कीज हटाए जाने से पुराने डेटा को पढ़ना बेहद मुश्किल हो जाता है।

निजी डेटा का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं साइबर ठग

पुराना स्मार्टफोन गलत हाथों में जाने पर निजी जानकारी के दुरुपयोग का खतरा हो सकता है। इसमें व्यक्तिगत तस्वीरें, बैंक स्टेटमेंट, पहचान पत्र और दूसरे संवेदनशील दस्तावेज शामिल हैं।

साइबर अपराधी ऐसी जानकारी का इस्तेमाल पहचान की चोरी, ऑनलाइन धोखाधड़ी और ब्लैकमेलिंग जैसी गतिविधियों में कर सकते हैं। इसलिए पुराना फोन बेचने से पहले डेटा की सुरक्षा करना जरूरी है।

फोन बेचने से पहले अपनाएं ये तरीके

1. डेटा एन्क्रिप्शन की जांच करें

आजकल ज्यादातर आधुनिक एंड्रॉयड स्मार्टफोन और आईफोन में एन्क्रिप्शन की सुविधा पहले से मौजूद होती है। पुराने फोन में यह सुविधा उपलब्ध होने पर इसे चालू करें। इससे बिना जरूरी पासवर्ड या एन्क्रिप्शन की के डेटा पढ़ना मुश्किल हो जाता है।

2. फैक्ट्री रीसेट करने से पहले बैकअप लें

फोन रीसेट करने से पहले अपनी जरूरी तस्वीरों, वीडियो, कॉन्टैक्ट्स और दस्तावेजों का सुरक्षित बैकअप बना लें। इसके बाद फोन से गूगल या एप्पल अकाउंट हटाने और संबंधित सिक्योरिटी सेटिंग्स का ध्यान रखें।

3. फैक्ट्री रीसेट सही तरीके से करें

फोन की सेटिंग्स में जाकर आधिकारिक फैक्ट्री रीसेट विकल्प का इस्तेमाल करें। आधुनिक एन्क्रिप्टेड फोन में यह प्रक्रिया आमतौर पर डेटा को सुरक्षित तरीके से अनुपयोगी बना देती है।

4. Dummy Data भरने का तरीका कितना सही है?

कुछ लोग फोन को रीसेट करने के बाद उसमें बेकार वीडियो और दूसरी बड़ी फाइलें भरकर दोबारा रीसेट करने की सलाह देते हैं। हालांकि, आधुनिक स्मार्टफोन की फ्लैश स्टोरेज में यह तरीका भरोसेमंद नहीं है। इसकी वजह TRIM और Wear Leveling जैसी तकनीकें हैं, जो डेटा को स्टोरेज में अलग-अलग तरीके से मैनेज करती हैं। इसलिए केवल मेमोरी भरने को सुरक्षित डेटा मिटाने का तरीका नहीं मानना चाहिए।

फोन बेचने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

पुराना स्मार्टफोन किसी दूसरे व्यक्ति को देने से पहले सुनिश्चित करें कि आपका जरूरी डेटा सुरक्षित जगह पर बैकअप हो चुका है। इसके बाद सभी अकाउंट हटाएं, सिम कार्ड और माइक्रोएसडी कार्ड निकालें और फोन को आधिकारिक तरीके से फैक्ट्री रीसेट करें। इससे निजी जानकारी के गलत इस्तेमाल का खतरा काफी कम किया जा सकता है।