गलत केबल से चार्ज कर रहे हैं फोन? Type-A vs Type-C की ये हकीकत उड़ा देगी होश!
स्मार्टफोन इस्तेमाल करने वाले लोगों के मन में अक्सर एक सवाल रहता है कि फोन को जल्दी चार्ज करने के लिए Type-A to Type-C केबल इस्तेमाल करनी चाहिए या Type-C to Type-C केबल? कई लोग मानते हैं कि बड़ा चार्जर मतलब ज्यादा तेज चार्जिंग, जबकि कुछ लोगों को लगता है कि सिर्फ Type-C to Type-C केबल से ही फास्ट चार्जिंग संभव है।
लेकिन असली कहानी थोड़ी अलग है। फोन की चार्जिंग स्पीड सिर्फ केबल के आकार या उसके कनेक्टर को देखकर तय नहीं होती। इसमें चार्जर की क्षमता, केबल का डिजाइन, फोन का चार्जिंग सिस्टम और इस्तेमाल होने वाला पावर डिलीवरी प्रोटोकॉल अहम भूमिका निभाते हैं।
Type-A और Type-C में क्या अंतर है?
USB Type-A पुराने समय से इस्तेमाल होने वाला कनेक्टर है। इसकी तुलना में USB Type-C को ज्यादा आधुनिक और बेहतर पावर व डेटा ट्रांसफर के लिए डिजाइन किया गया है।
Type-C कनेक्टर में ज्यादा पिन होते हैं, जिसकी वजह से यह ज्यादा आधुनिक चार्जिंग और डेटा ट्रांसफर तकनीकों को सपोर्ट कर सकता है। इसके अलावा Type-C कनेक्टर को उल्टा या सीधा किसी भी तरफ से लगाया जा सकता है।
यही वजह है कि आज के ज्यादातर नए स्मार्टफोन, टैबलेट और लैपटॉप में Type-C पोर्ट देखने को मिल रहा है।
क्या Type-A केबल हमेशा धीमी होती है?
ऐसा कहना पूरी तरह सही नहीं होगा।
एक सामान्य Type-A केबल की चार्जिंग क्षमता सीमित हो सकती है, लेकिन कुछ कंपनियां अपने खास चार्जिंग प्रोटोकॉल के जरिए Type-A केबल से भी काफी तेज चार्जिंग उपलब्ध कराती हैं।
यानी सिर्फ यह देखकर कि केबल Type-A है, यह तय नहीं किया जा सकता कि फोन धीमी स्पीड से ही चार्ज होगा।
Type-C to Type-C केबल क्यों मानी जाती है ज्यादा बेहतर?
Type-C केबल आधुनिक USB Power Delivery यानी USB-PD जैसे प्रोटोकॉल को सपोर्ट कर सकती है। सही चार्जर और डिवाइस के साथ यह काफी ज्यादा पावर ट्रांसफर कर सकती है।
इसी कारण Type-C to Type-C केबल का इस्तेमाल आज सिर्फ स्मार्टफोन ही नहीं, बल्कि टैबलेट और कई लैपटॉप को चार्ज करने के लिए भी किया जाता है।
हालांकि यहां एक बात बेहद जरूरी है—सिर्फ Type-C केबल खरीद लेने से फोन फास्ट चार्ज नहीं होगा। फोन, चार्जर और केबल तीनों का जरूरी चार्जिंग स्टैंडर्ड सपोर्ट करना जरूरी है।
फिर OnePlus, Oppo और Vivo के फोन Type-A से इतने तेज कैसे चार्ज होते हैं?
यहीं पर मामला थोड़ा दिलचस्प हो जाता है।
कुछ कंपनियां, जैसे OnePlus, Oppo और Vivo, अपने फास्ट-चार्जिंग सिस्टम के लिए खास Type-A to Type-C केबल और चार्जर का इस्तेमाल करती हैं। इनकी केबल सामान्य Type-A केबल जैसी नहीं होती।
इन केबल्स में अतिरिक्त पिन और विशेष डिजाइन का इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे फोन और चार्जर कंपनी के खास चार्जिंग प्रोटोकॉल के जरिए ज्यादा पावर पर काम कर सकें।
इनमें केबल की मोटाई और वायरिंग भी महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि ज्यादा करंट को संभालने के लिए केबल को उसी हिसाब से डिजाइन किया जाता है।
इसलिए अगर किसी फोन के साथ कंपनी ने 80W, 100W या 120W चार्जिंग दी है, तो बॉक्स में मिलने वाली खास केबल भी उस सिस्टम का अहम हिस्सा हो सकती है।
फोन को फास्ट चार्ज करने के लिए कौन सी केबल लें?
इसका सबसे आसान नियम है—अपने फोन के साथ मिलने वाली ओरिजिनल केबल का इस्तेमाल करें।
अगर आपके फोन के बॉक्स में Type-C to Type-C केबल दी गई है और फोन 25W, 45W, 65W या इससे ज्यादा फास्ट चार्जिंग सपोर्ट करता है, तो बेहतर होगा कि उसी केबल और compatible चार्जर का इस्तेमाल करें।
वहीं अगर आपके फोन के साथ किसी कंपनी की खास Type-A to Type-C केबल आई है, तो उसे सामान्य Type-A केबल से बदलने पर फास्ट चार्जिंग की स्पीड कम हो सकती है।
सबसे जरूरी बात
फोन की चार्जिंग स्पीड का फैसला सिर्फ केबल के Type-A या Type-C होने से नहीं होता। चार्जर कितनी पावर देता है, फोन कितनी पावर स्वीकार करता है, केबल कितनी पावर संभाल सकती है और कौन-सा चार्जिंग प्रोटोकॉल इस्तेमाल हो रहा है—इन सभी चीजों पर चार्जिंग स्पीड निर्भर करती है।
इसलिए अगली बार सिर्फ यह देखकर केबल न खरीदें कि वह Type-C है। अपने फोन की फास्ट-चार्जिंग तकनीक के हिसाब से compatible चार्जर और केबल चुनना ही सबसे जरूरी है।