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Jio-Airtel यूजर्स के लिए बड़ी खबर! 5G रेडिएशन लिमिट हुई दोगुनी, नेटवर्क कवरेज में होगा सुधार

 

Jio और Airtel समेत देश की टेलीकॉम कंपनियों और उनके ग्राहकों के लिए एक अहम खबर सामने आई है। भारत सरकार ने 5G रेडियो सिग्नल से जुड़ी इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड (EMF) की तय पावर लिमिट को बढ़ाकर दोगुना कर दिया है। माना जा रहा है कि इस फैसले से टेलीकॉम कंपनियों को 5G नेटवर्क का विस्तार करने में मदद मिलेगी और मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर का बेहतर इस्तेमाल किया जा सकेगा।

भारत में अब तक मोबाइल नेटवर्क के लिए लागू EMF लिमिट कई अंतरराष्ट्रीय मानकों की तुलना में कम थी। टेलीकॉम इंडस्ट्री लंबे समय से इस सीमा को बढ़ाने की मांग कर रही थी। नई लिमिट लागू होने के बाद कंपनियां मौजूदा टावर इंफ्रास्ट्रक्चर को ज्यादा प्रभावी तरीके से इस्तेमाल कर सकेंगी।

EMF लिमिट 5 से बढ़कर हुई 10 वॉट प्रति वर्ग मीटर

रिपोर्ट के मुताबिक, 5G बेस ट्रांसीवर स्टेशन (BTS) के लिए निर्धारित पावर डेंसिटी लिमिट को 5 वॉट प्रति वर्ग मीटर से बढ़ाकर 10 वॉट प्रति वर्ग मीटर कर दिया गया है।

इस बदलाव से टेलीकॉम ऑपरेटर्स को अपने मौजूदा नेटवर्क को बेहतर तरीके से ऑप्टिमाइज करने में मदद मिल सकती है। इसका फायदा खासतौर पर उन इलाकों में मिल सकता है जहां नए टावर लगाने के लिए अतिरिक्त निवेश की जरूरत पड़ती है।

हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि हर जगह सिग्नल की दूरी सीधे दोगुनी हो जाएगी। वास्तविक कवरेज पर टावर की लोकेशन, फ्रीक्वेंसी बैंड, इमारतों और स्थानीय परिस्थितियों जैसे कई कारकों का असर पड़ता है।

5G नेटवर्क कवरेज में हो सकता है सुधार

टेलीकॉम कंपनियों का लंबे समय से कहना रहा है कि मौजूदा EMF लिमिट के कारण नेटवर्क क्षमता और कवरेज को बढ़ाने में कुछ चुनौतियां आती हैं। देश में 5G स्मार्टफोन और यूजर्स की संख्या बढ़ने के साथ नेटवर्क पर दबाव भी बढ़ रहा है।

नई सीमा लागू होने से कंपनियां मौजूदा BTS और दूसरे नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर का ज्यादा प्रभावी इस्तेमाल कर सकती हैं। इससे नेटवर्क कवरेज और कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

Jio, Airtel और Vi को मिल सकता है फायदा

इस बदलाव का फायदा देश की प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों को मिल सकता है। Reliance Jio, Bharti Airtel और Vodafone Idea (Vi) अपने मौजूदा नेटवर्क को ज्यादा प्रभावी तरीके से इस्तेमाल कर सकेंगी।

खासकर उन क्षेत्रों में जहां नए टावर लगाने में ज्यादा लागत आती है, वहां नेटवर्क क्षमता बढ़ाने के लिए यह बदलाव उपयोगी साबित हो सकता है। कंपनियों को हर जगह नए टावर लगाने के बजाय मौजूदा नेटवर्क को अपग्रेड और ऑप्टिमाइज करने का विकल्प मिलेगा।

अगले महीने से लागू होगी नई लिमिट

रिपोर्ट के अनुसार, बढ़ाई गई EMF लिमिट अगले महीने से आधिकारिक तौर पर प्रभावी हो जाएगी। इंटरनेशनल कमीशन ऑन नॉन-आयनाइजिंग रेडिएशन प्रोटेक्शन (ICNIRP) की गाइडलाइंस में BTS के लिए 10 वॉट प्रति वर्ग मीटर की पावर डेंसिटी का स्तर बताया गया है।

भारत में अब तक यह सीमा 5 वॉट प्रति वर्ग मीटर थी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद भारतीय टेलीकॉम ऑपरेटर्स को 5G नेटवर्क विस्तार और ऑप्टिमाइजेशन में ज्यादा लचीलापन मिलने की उम्मीद है।

कुल मिलाकर, सरकार के इस बदलाव से टेलीकॉम कंपनियों को नेटवर्क क्षमता बढ़ाने और इंफ्रास्ट्रक्चर का बेहतर इस्तेमाल करने में मदद मिल सकती है। हालांकि यूजर्स को वास्तविक फायदा उनके क्षेत्र, नेटवर्क बैंड और टावर की स्थिति के आधार पर अलग-अलग मिल सकता है।