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Battery Induction: अब बिना बिजली के भी पकेगा खाना! बैटरी से चलेगा यह नया इंडक्शन चूल्हा, जानें इसकी नई तकनीक

 

इंडक्शन चूल्हे का इस्तेमाल करने वाले लोगों के सामने अक्सर दो बड़ी परेशानियां आती हैं। पहली, खाना बनाते समय अचानक बिजली चली जाए तो खाना बीच में ही रुक जाता है। दूसरी, कई हाई-पावर इंडक्शन मॉडल के लिए सामान्य सॉकेट के बजाय अलग तरह की इलेक्ट्रिकल वायरिंग की जरूरत पड़ सकती है।

इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए अमेरिका की कंपनी Copper ने एक नया बैटरी-पावर्ड इंडक्शन कुकटॉप पेश किया है, जिसका नाम Charli बताया गया है। इसकी सबसे खास बात यह है कि बिजली कटने के बाद भी इसमें खाना पकाया जा सकता है।

5kWh बैटरी से लैस है चार बर्नर वाला चूल्हा

Charli में 5kWh की बैटरी दी गई है। यह चार बर्नर वाला इंडक्शन कुकटॉप है और इसके चारों बर्नर मिलकर अधिकतम करीब 3,000 वॉट तक पावर खींच सकते हैं।

कंपनी के मुताबिक, इसका मेन बेस करीब 4 मिनट में 176 डिग्री सेल्सियस तक गर्म हो सकता है। यानी खाना पकाने के लिए जरूरी तापमान काफी तेजी से हासिल किया जा सकता है।

इसकी एक और खासियत इसका पावर सपोर्ट है। इसे 120V और 240V, दोनों तरह के सॉकेट से इस्तेमाल किया जा सकता है।

बिजली गुल होने पर भी खाना पकाने की सुविधा

इस इंडक्शन कुकटॉप में लगी बैटरी इसे सामान्य इंडक्शन से अलग बनाती है। बिजली उपलब्ध रहने पर सिस्टम बैटरी को चार्ज करता है और पावर कट होने की स्थिति में यही बैटरी खाना पकाने के लिए ऊर्जा उपलब्ध कराती है।

कंपनी का दावा है कि फुल बैटरी के साथ इसमें करीब 300 अंडे तक पकाए जा सकते हैं। वास्तविक बैकअप इस्तेमाल किए जाने वाले बर्नर, तापमान और खाना पकाने के समय पर निर्भर करेगा।

सामान्य सॉकेट से चलाने का फायदा

बैटरी वाले इंडक्शन का एक बड़ा फायदा यह बताया जा रहा है कि इसे सामान्य सॉकेट से भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे उन घरों में भी हाई-पावर कुकिंग की संभावना बढ़ सकती है जहां अलग से भारी इलेक्ट्रिकल वायरिंग उपलब्ध नहीं है।

इसके अलावा, बैटरी सिस्टम बिजली के वोल्टेज में उतार-चढ़ाव की स्थिति में भी उपयोगी हो सकता है, क्योंकि जरूरत के मुताबिक पावर मैनेजमेंट बैटरी के जरिए किया जा सकता है।

कीमत सुनकर चौंक सकते हैं ग्राहक

इस नई तकनीक की सबसे बड़ी चुनौती फिलहाल इसकी कीमत है। रिपोर्ट के मुताबिक, Charli की कीमत 5 लाख रुपये से ज्यादा हो सकती है। यानी यह आम भारतीय परिवार के बजट से काफी बाहर है।

बताया गया है कि Copper एक अमेरिकी स्टार्टअप है, जिसमें करीब 50 कर्मचारी हैं। कंपनी के इस नए इंडक्शन को जर्मनी की मशहूर कंपनी Miele के साथ मिलकर तैयार किए जाने की जानकारी सामने आई है।

भारत में कितना उपयोगी हो सकता है?

भारत जैसे देश में बैटरी वाला इंडक्शन भविष्य में काफी उपयोगी तकनीक साबित हो सकता है। कई इलाकों में बिजली कटौती और वोल्टेज में उतार-चढ़ाव की समस्या आज भी देखने को मिलती है। ऐसे में बैटरी बैकअप वाला कुकटॉप बिजली जाने के दौरान भी खाना बनाने की सुविधा दे सकता है।

अगर भविष्य में इसी तरह की तकनीक को कम कीमत पर बड़े पैमाने पर तैयार किया जाता है, तो इसका इस्तेमाल उन घरों में भी बढ़ सकता है जहां हाई-पावर इलेक्ट्रिकल कनेक्शन या अलग किचन वायरिंग की सुविधा नहीं है।

फिलहाल भारत में इस तरह के बैटरी-पावर्ड इंडक्शन कुकटॉप आम इस्तेमाल में नहीं हैं। लेकिन यह तकनीक किचन अप्लायंसेज के क्षेत्र में एक नए विकल्प की दिशा जरूर दिखाती है।