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आर्टेमिस II में एस्ट्रोनॉट्स साथ में 'खिलौना' क्यों ले गए हैं? 50 लाख से ज्यादा नाम ले जाने वाले 'राइज' के बारे में कितना जानते हैं आप?

 

नई दिल्ली, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। नासा का आर्टेमिस II मिशन से जुड़े चार अंतरिक्ष यात्री ओरियन अंतरिक्ष यान में सवार होकर चंद्रमा की ओर रवाना हो चुके हैं यह दल चंद्रमा के पास से गुजरेगा और बिना उतरे वापस लौट आएगा। 1972 के बाद इस पहले मानवयुक्त चंद्र मिशन में छोटा सा मुलायम खिलौना अंतरिक्ष यात्रियों की मदद के लिए उनके साथ यान में गया है। इसका नाम है 'राइज', जो पूरे विश्व के लाखों लोगों की भावनाओं और सपनों को चंद्रमा पर साथ ले जाने वाले मिशन का मैसकॉट (शुभंकर) भी है। आर्टेमिस II 2 अप्रैल को लांच हुआ था।

दरअसल 'राइज' एक जीरो-ग्रेविटी इंडिकेटर (शून्य गुरुत्वाकर्षण संकेतक) है। अंतरिक्षयात्री मिशन पर जीरो-ग्रेविटी इंडिकेटर को यह जानने के लिए अपने साथ ले जाते हैं कि कैप्सूल कब अंतरिक्ष में पहुंच गया है। जब स्पेसक्राफ्ट पृथ्वी की गुरुत्वाकर्षण शक्ति से बाहर निकल जाता है, तो ये इंडिकेटर हवा में तैरने लगता है तो पता चल जाता है कि अब अंतरिक्ष यान निर्वात में है। इन वस्तुओं का अक्सर गहरा प्रतीकात्मक अर्थ होता है और इनका चयन सावधानीपूर्वक विचार-विमर्श के बाद किया जाता है।

28 मार्च को आर्टेमिस II के अंतरिक्ष यात्रियों ने राइज का परिचय दुनिया से कराया था और इसका महत्व बताया। इसका चयन 50 से अधिक देशों से प्राप्त हजारों प्रविष्टियों में से किया गया था। हालांकि नासा को कैलिफोर्निया के माउंटेन व्यू शहर के तीसरी कक्षा के छात्र लुकास (8) की डिजाइन पसंद आई। यह डिजाइन अपोलो 8 मिशन के प्रसिद्ध ‘अर्थराइज’ पल के लिए सम्मान है, जिसमें पहली बार अंतरिक्ष से पृथ्वी का उदय (अर्थराइज) देखा गया था।

लुकास का यह डिजाइन नासा के ‘मून मैसकॉट डिजाइन चैलेंज’ में चुना गया था। इस चैलेंज में 50 से ज्यादा देशों से 2,600 से अधिक एंट्रीज आई थीं, जिनमें स्कूली बच्चों की डिजाइन भी शामिल थे। राइज को नासा के गॉडर्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर (मैरीलैंड) की थर्मल ब्लैंकेट लैब में विशेष रूप से बनाया गया है। यह बहुत हल्का और सॉफ्ट है, ताकि अंतरिक्ष में आसानी से तैर सके।

इस आर्टेमिस 2 मिशन में चांद का चक्कर लगाने के लिए साथ जाने वाले राइज की एक और खास बात यह है कि इसके अंदर एक एसडी कार्ड रखा गया है, जिसमें दुनिया भर के लोगों के 56,47,889 नाम दर्ज हैं। ये नाम ‘सेंड योर नेम विद आर्टेमिस’ अभियान के तहत इकट्ठा किए गए थे। इस तरह राइज न सिर्फ एक खिलौना है, बल्कि पूरी मानवता की उम्मीद और एकजुटता का प्रतीक भी बन गया है।

आर्टेमिस II मिशन के चारों अंतरिक्ष यात्री रीड वाइजमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हान्सन राइज को अपने साथ चांद की यात्रा पर ले गए हैं। जहां क्रिस्टीना कोच चंद्रमा मिशन का हिस्सा बनने वाली पहली महिला होंगी, वहीं ग्लोवर चंद्र मिशन पर उड़ान भरने वाली पहली अश्वेत व्यक्ति हैं।

अपने मिशन के दौरान सभी मिलकर उच्च विकिरण वाले क्षेत्रों में कई प्रयोग करेंगे, ताकि पौधों और मानव स्वास्थ्य पर शोध को आगे बढ़ाया जा सके।

--आईएएनएस

एमटी/वीसी