अमेरिका में भारतीय दूतावास ने 'मिशन दृष्टि' के सफल लॉन्च को बताया गौरवपूर्ण और मील का पत्थर
नई दिल्ली, 3 मई (आईएएनएस)। बेंगलुरु स्थित एक निजी अंतरिक्ष स्टार्टअप गैलेक्सीआई द्वारा विकसित उपग्रह 'मिशन दृष्टि' रविवार को स्पेसएक्स फाल्कन 9 रॉकेट की मदद से सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया। 'मिशन दृष्टि' के सफलतापूर्वक लॉन्च पर अमेरिका स्थित भारतीय दूतावास ने खुशी जताई है।
दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "भारत के अंतरिक्ष पथ के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण। गैलेक्सीआई 'मिशन दृष्टि' का सफल प्रक्षेपण निरंतर, हर मौसम में पृथ्वी अवलोकन की दिशा में एक मील का पत्थर है। भारत के वाणिज्यिक अंतरिक्ष अवलोकन तंत्र में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में पहले अत्याधुनिक ऑप्टोसार के प्रक्षेपण के लिए गैलेक्सी आई को बधाई!"
विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने भी एक्स पर लिखा, "भारत की अंतरिक्ष यात्रा और भी रोमांचक हो गई है। 'मिशन दृष्टि' सफलतापूर्वक लॉन्च हो गया है, जिसने दुनिया का पहला ऑप्टोसार लेकर आया है और हर मौसम में पृथ्वी का अवलोकन करने के क्षेत्र में एक बड़ी छलांग लगाई है। भारत की निजी अंतरिक्ष यात्रा में साहसिक कदम उठाने वाली टीम को हार्दिक बधाई। भविष्य स्पष्ट रूप से अंतरिक्ष में है।"
रविवार को 190 किलोग्राम वजनी मिशन दृष्टि कैलिफोर्निया से लॉन्च किया गया। यह किसी भारतीय निजी कंपनी द्वारा निर्मित अब तक का सबसे बड़ा उपग्रह है। इस विशेष उपग्रह की विशेषता यह है कि इसमें एक ही उपग्रह पर मल्टीस्पेक्ट्रल कैमरा और सिंथेटिक एपर्चर रडार (एसएआर) इमेजर लगा हुआ है।
दृष्टि मिशन का मूल आधार ऑप्टोसार नामक एक नवीन हाइब्रिड प्रणाली है, जो एक ही प्लेटफॉर्म पर ऑप्टिकल इमेजिंग और सिंथेटिक एपर्चर रडार (एसएआर) को संयोजित करने वाली तकनीक है। परंपरागत रूप से उपग्रह या तो ऑप्टिकल सेंसर या फिर रडार पर निर्भर करते हैं।
ऑप्टिकल सिस्टम तस्वीरों के समान विस्तृत और कलर्ड फोटो कैप्चर करते हैं, लेकिन बादल छाए रहने और अंधेरे से ये जमीनी तस्वीर स्पष्ट नहीं मिलती। दूसरी ओर, रडार सिस्टम बादलों के पार देखने के लिए रेडियो तरंगों का उपयोग करते हैं और रात में भी काम करते हैं, हालांकि वे आमतौर पर कम स्पष्ट छवियां उत्पन्न करते हैं।
ऑप्टोसार एक ही उपग्रह में दोनों तकनीकों को एकीकृत करके इस अंतर को पाटता है। यह एक ही बार में ऑप्टिकल और रडार डाटा को एक साथ कैप्चर करता है, फिर आउटपुट को एक एकीकृत छवि में मिला देता है। परिणामस्वरूप हर मौसम में बादलों के रहते हुए भी पृथ्वी की अत्यंत विस्तृत तस्वीरें मिल सकेंगी। यह भारत के सबसे उच्च-रिजॉल्यूशन वाले उपग्रहों में से एक है।
इस सफल प्रक्षेपण से भारत की अंतरिक्ष यात्रा में वैश्विक साझेदारियों की बढ़ती भूमिका उजागर होती है। स्पेसएक्स की प्रक्षेपण सेवाओं का लाभ उठाकर, भारतीय स्टार्टअप अत्याधुनिक पेलोड विकास पर ध्यान केंद्रित करते हुए कक्षा तक तेजी से और अधिक लचीली पहुंच प्राप्त कर रहे हैं।
--आईएएनएस
ओपी/एबीएम