कब से शुरु हो रही गणगौर पूजा, जानिए तारीख और मुहूर्त
ज्योतिष न्यूज़ डेस्क: हिंदू धर्म में वैसे तो कई सारे व्रत है जो महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और अच्छी सेहत के लिए रखती है लेकिन इन सभी में गणगौर की पूजा बेहद ही खास माना जाता है। ये व्रत शादीशुदा ही नहीं बल्कि कुंवारी कन्याएं भी अच्छे वर की कामना से करती है इस दिन महिलाएं भगवान शिव और देवी पार्वती की विधिवत पूजा करती है तो आज हम आपको अपने इस लेख द्वारा गणगौर व्रत पूजन से जुड़ी जानकारी प्रदान कर रहे है, तो आइए जानते है।
गणगौर पूजा की तारीख—
धार्मिक पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास की पूर्णिमा यानी की होलिका दहन के साथ ही इस पर्व का आरंभ हो जाता है। जो चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को गणगौर के रूप में मनाया जाता है इसलिए इस साल 8 मार्च से गणगौर पूजा शुरू हो रही है और इसका समापन 24 मार्च को होगा।
गणगौर पूजा का महत्व—
आपको बता दें वैसे तो सभी व्रत पूजन महत्वपूर्ण होते है लेकिन गणगौर का व्रत बेहद ही खास और शुभ माना जाता है इस पर्व को शादीशुदा महिलाएं और कुंवारी कन्याएं बड़ी धूमधाम के साथ मनाती है। गणगौर पूजा के दिन माता पार्वती और भगवान भोलेनाथ की पूजा करने का विधान होता है।
इस दिन महिलाएं पति की लंबी आयु और अच्छी सेहत के लिए तो वही कुंवारी कन्याएं मनचाहे वर की प्राप्ति के लिए इस व्रत को रखती है और देवी पार्वती व शिव की आराधना करती है। गणगौर व्रत जो महिलाएं रखते है वे इसके बारे में अपने पति को नहीं बताती है और न ही इस व्रत पूजन का प्रसाद ही उन्हें देती है। यह परंपरा बेहद पुरानी है।