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Vaikuntha Chaturdashi 2023 पर कल ऐसे करें पूजन अनुष्ठान, जानें संपूर्ण प्रक्रिया

 

ज्योतिष न्यूज़ डेस्क: हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर वैकुंठ चतुर्दशी का पर्व मनाया जाता है जो कि हरी हर को समर्पित होता है इस दिन भक्त भगवान शिव और श्री हरि विष्णु की विधि विधान से पूजा करते हैं और व्रत आदि भी रखते हैं माना जाता है कि वैकुंठ चतुर्दशी के दिन व्रत पूजन करने से उत्तम फल की प्राप्ति होती है। 

इस बार वैकुंठ चतुर्दशी का व्रत कल यानी 26 नवंबर दिन रविवार को किया जाएगा। इस दिन भगवान विष्णु और शिव की विशेष पूजा का विधान है ऐसे में आज हम आपको अपने इस लेख द्वारा पूजन अनुष्ठान की संपूर्ण प्रक्रिया से अवगत करा रहे हैं तो आइए जानते हैं। 

वैकुंठ चतुर्दशी के दिन इस विधि से करें पूजन—
कल वैकुंठ चतुर्दशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करें इसके बाद साफ वस्त्रों को धारण कर मन में भगवान का ध्यान करें इसके बाद पूजन स्थल पर जाकर प्रभु की प्रतिमा के समक्ष व्रत पूजन का संकल्प करें। इस दिन बुरे विचार को मन में न आने दें। इसके बाद रात में भगवान विष्णु की कमल के पुष्पों से पूजा करें तो वही शिव शंकर को बिल्व पत्र अर्पित करें साथ ही विना यो हरिपूजां तु कुर्याद् रुद्रस्य चार्चनम्। वृथा तस्य भवेत्पूजा सत्यमेतद्वचो मम।। इस मंत्र का जाप भी करते रहें।

अब भगवान की प्रतिमा के समक्ष शुद्ध घी का दीपक जलाएं और दोनों देवताओं की विधिवत पूजा आरंभ करें प्रभु को कुमकुम का तिलक करें पुष्प माला अर्पित करें वस्त्र के रूप में आप मौली चढ़ाएं। इसके बाद भगवान की पूजा करें फिर अंत में आरती गाएं और भूल चूक के लिए क्षमा मांगते हुए अपनी मनोकामना प्रभु से कहें। फिर अगली सुबह उठकर स्नान आदि करें और भगवान के आगे हाथ जोड़कर प्रार्थना करें इसके बाद गरीब व जरूरतमंदों को अन्न, धन और वस्त्रों का दान करें।