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Pradosh Vrat 2025 इन उपायों से महादेव होंगे प्रसन्न, देंगे धन-समृद्धि का आशीर्वाद 

 

ज्योतिष न्यूज़ डेस्क: सनातन धर्म में कई सारे व्रत त्योहार पड़ते हैं और सभी का अपना महत्व होता है, लेकिन प्रदोष व्रत को बेहद ही खास माना गया है जो कि हर माह में पड़ता है। इस दिन भक्त उपवास आदि रखते हुए भगवान शिव की ​विधिवत पूजा करते हैं माना जाता है कि प्रदोष व्रत शिव साधना को समर्पित है इस दिन पूजा पाठ और व्रत करने से प्रभु की कृपा प्राप्त होती है और कष्ट दूर हो जाते हैं।

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फरवरी माह का दूसरा प्रदोष व्रत आज यानी 25 फरवरी दिन मंगलवार को किया जा रहा है। मंगलवार को प्रदोष व्रत पड़ने के कारण इसे भौम प्रदोष व्रत के नाम से जाना जा रहा है इस दिन ​भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करना लाभकारी होता है।

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लेकिन इसी के साथ ही अगर आज ऋणमोचन मंगल स्तोत्र का पाठ भक्ति भाव से किया जाए तो आर्थिक संकट दूर हो जाता है और शिव कृपा से धन लाभ की प्राप्ति होती है तो हम आपके लिए लेकर आए हैं ऋणमोचन मंगल स्तोत्र पाठ।

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ऋणमोचन मंगल स्तोत्र—

मङ्गलो भूमिपुत्रश्च ऋणहर्ता धनप्रदः।
स्थिरासनो महाकयः सर्वकर्मविरोधकः।।
लोहितो लोहिताक्षश्च सामगानां कृपाकरः।
धरात्मजः कुजो भौमो भूतिदो भूमिनन्दनः।।
अङ्गारको यमश्चैव सर्वरोगापहारकः।
व्रुष्टेः कर्ताऽपहर्ता च सर्वकामफलप्रदः।।
एतानि कुजनामनि नित्यं यः श्रद्धया पठेत्।
ऋणं न जायते तस्य धनं शीघ्रमवाप्नुयात्।।
धरणीगर्भसम्भूतं विद्युत्कान्तिसमप्रभम्।
कुमारं शक्तिहस्तं च मङ्गलं प्रणमाम्यहम्।।
स्तोत्रमङ्गारकस्यैतत्पठनीयं सदा नृभिः।
न तेषां भौमजा पीडा स्वल्पाऽपि भवति क्वचित्।।


अङ्गारक महाभाग भगवन्भक्तवत्सल।
त्वां नमामि ममाशेषमृणमाशु विनाशय।।
ऋणरोगादिदारिद्रयं ये चान्ये ह्यपमृत्यवः।
भयक्लेशमनस्तापा नश्यन्तु मम सर्वदा।।
अतिवक्त्र दुरारार्ध्य भोगमुक्त जितात्मनः।
तुष्टो ददासि साम्राज्यं रुश्टो हरसि तत्ख्शणात्।।
विरिंचिशक्रविष्णूनां मनुष्याणां तु का कथा।
तेन त्वं सर्वसत्त्वेन ग्रहराजो महाबलः।।
पुत्रान्देहि धनं देहि त्वामस्मि शरणं गतः।
ऋणदारिद्रयदुःखेन शत्रूणां च भयात्ततः।।
एभिर्द्वादशभिः श्लोकैर्यः स्तौति च धरासुतम्।
महतिं श्रियमाप्नोति ह्यपरो धनदो युवा''।।
इति श्री ऋणमोचक मङ्गलस्तोत्रम् सम्पूर्णम्।।