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नवरात्रि के चौथे दिन करें मां कूष्मांडा की पूजा, दो मिनट के वीडियो में देखें आरती और मंत्र

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ज्योतिष न्यूज़ डेस्क: हिंदुओं का प्रमुख पर्व नवरात्रि चल रहा है जिसका आरंभ इस बार 3 अक्टूबर से हो चुका है और समापन 11 अक्टूबर को हो जाएगा। इसके अलगे दिन दशहरा पर्व मनाया जाएगा। आज यानी 6 अक्टूबर दिन रविवार को शारदीय नवरात्रि का चौथा दिन है जो कि मां दुर्गा के चौथे स्वरूप मां कूष्मांडा को समर्पित है

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देवी कूष्मांडा मां दुर्गा की चौथी शक्ति हैं इनकी साधना आराधना भक्तों के जीवन में सुख शांति और समृद्धि लाती है और दुखों का नाश करती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां कूष्मांडा ने ही सृष्टि की रचना की थी। कूष्मांडा एक संस्कृत शब्द है।

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जिसका अर्थ कुम्हड़ा यानी पेठा की बलि देना है। तो आज हम नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की आरती और मंत्र के बारे में आपको बता रहे हैं तो आइए जानते हैं। 

मां कूष्मांडा की स्तुति मंत्र

या देवी सर्वभू‍तेषु माँ कूष्माण्डा रूपेण संस्थिता.
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः.

मां कूष्मांडा की प्रार्थना

सुरासम्पूर्ण कलशं रुधिराप्लुतमेव च.
दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु मे.

मां कूष्मांडा बीज मंत्र

ऐं ह्री देव्यै नम:

मां ​कूष्मांडा की आरती 

कूष्मांडा जय जग सुखदानी.
मुझ पर दया करो महारानी.
पिगंला ज्वालामुखी निराली.
शाकंबरी मां भोली भाली.
लाखों नाम निराले तेरे.
भक्त कई मतवाले तेरे.
भीमा पर्वत पर है डेरा.
स्वीकारो प्रणाम ये मेरा.
सबकी सुनती हो जगदम्बे.
सुख पहुंचती हो मां अम्बे.
तेरे दर्शन का मैं प्यासा.
पूर्ण कर दो मेरी आशा.
मां के मन में ममता भारी.
क्यों ना सुनेगी अरज हमारी.
तेरे दर पर किया है डेरा.
दूर करो मां संकट मेरा.
मेरे कारज पूरे कर दो.
मेरे तुम भंडारे भर दो.
तेरा दास तुझे ही ध्याए.
भक्त तेरे दर शीश झुकाए.