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Kalashtami 2025 फाल्गुन कालाष्टमी आज, इस मुहूर्त में पूजा करने से दूर होगा हर कष्ट!

 

ज्योतिष न्यूज़ डेस्क: हिंदू धर्म में कई सारे व्रत त्योहार पड़ते हैं और सभी का अपना महत्व भी होता है लेकिन कालाष्टमी व्रत को खास माना गया है जो कि हर माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर मनाई जाती है।

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यह तिथि भगवान भैरव को समर्पित है जो कि महादेव का ही उग्र रूप माने जाते हैं। कालाष्टमी के दिन भगवान भैरव की पूजा अर्चना करने से सभी प्रकार के भय और संकट का नाश हो जाता है। मान्यता है कि बाबा भैरव अपने भक्तों की रक्षा करते हैं और उन्हें नकारात्मक शक्तियों से बचाते हैं।

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इस दिन भगवान भैरव की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। फाल्गुन मास की कालाष्टमी आज यानी 20 फरवरी दिन गुरुवार को मनाई जा रही है तो आज हम आपको पूजा का शुभ समय बता रहे हैं तो आइए जानते हैं। 

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कालाष्टमी की तारीख—
हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि 20 फरवरी दिन गुरुवार को सुबह 3 बजकर 30 मिनट से आरंभ हो चुकी है और इस तिथि का समापन अगले दिन यानी की 21 फरवरी दिन शु्रवार को सुबह 1 बजकर 45 मिनट पर हो जाएगा। वही उदया तिथि के अनुसार कालाष्टमी की पूजा 20 फरवरी को करना शुभ रहेगा। 

कालाष्टमी पूजा का शुभ मुहूर्त—
आज कालाष्टमी के दिन अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 45 मिनट से 1 बजकर 33 मिनट तक रहेगा। इस दिन अमृत काल का मुहूर्त सुबह 3 बजकर 34 मिनट से आरंभ हो चुका है और यह अगले दिन सुबह 5 बजकर 22 मिनट तक रहेगा। वही रवि योग सुबह 7 बजकर 8 मिनट से आरंभ हो चुका है और इसका समापन 8 बजकर 44 मिनट पर होगा। सर्वार्थ सिद्धि योग की शुरुआत सुबह 8 बजकर 44 मिनट से होगी और समापन अगले दिन यानी सुबह 7 बजकर 9 मिनट पर हो जाएगी। कालाष्टमी पर निशिता मुहूर्त सुबह 12 बजकर 45 मिनट से आरंभ होगा और समापन अगले दिन सुबह 1 बजकर 33 मिनट पर हो जाएगा।