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Falgun Amavasya 2025 अमावस्या पर इन गलतियों को करने से नाराज़ होते हैं पूर्वज, लगता है दोष 

 

ज्योतिष न्यूज़ डेस्क: हिंदू धर्म में पूर्णिमा और अमावस्या तिथि को खास माना गया है जो कि हर माह में एक बार पड़ती है पंचांग के अनुसार अभी फाल्गुन मास चल रहा है और इस माह पड़ने वाली अमावस्या को फाल्गुन अमावस्या के नाम से जाना जाता है जो कि बेहद ही खास होती है

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अमावस्या के दिन स्नान, दान और पूजा पाठ करना लाभकारी होता है मान्यता है कि इस दिन स्नान दान और व्रत करने से कष्टों का निवारण हो जाता है। फाल्गुन माह की अमावस्या इस बार 27 फरवरी को मनाई जाएगी, तो आज हम आपको बता रहे हैं कि इस दिन किन कार्यों को करने से पूर्वज नाराज़ हो सकते हैं और व्यक्ति को पाप का भागी बनना पड़ता है तो आइए जानते हैं। 

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सोमवती अमावस्या पर न करें ये गलतियां—
अमावस्या का दिन पितरों को समर्पित होता है ऐसे में इस दिन पितरों की आत्मा की शांति के लिए पूजा पाठ, पिंडदान किया जाता है लेकिन भूलकर भी इस दिन पितरों को कुछ भी बुरा भला नहीं कहना चाहिए और उनका तर्पण करना नहीं भूलना चाहिए

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वरना पूर्वज क्रोधित हो सकते हैं जिससे आपको जीवन में कष्ठ उठना पड़ सकता है। अमावस्या तिथि पर कुत्ता, गाय और कौवे को कष्ट नहीं देना चाहिए। इस दिन जीवों को पितरों का अंश मानकर भोजन जरूर कराएं। इन्हें किसी भी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए। इसके अलावा अमावस्या पर पितरों का पितंडदान, तर्पण और दान पुण्य व श्राद्ध जरूर करें। इन कामों को करना भूले नहीं वरना पितर नाराज़ होकर श्राप भी दे सकते हैं। 

अमावस्या के दिन पूजा पाठ करना उत्तम माना जाता है इससे शुभ फलों में वृद्धि होती है ऐसे में दिनभर ब्रह्मचर्य का पालन जरूर करें। अमावस्या पर तामसिक चीजों का सेवन करने से बचना चाहिए वरना पाप लगता है। इस दिन साफ सफाई का भी विशेष ध्यान रखें।