कब है रंग पंचमी, जानिए शुभ मुहूर्त और इससे मनाने का कारण
ज्योतिष न्यूज़ डेस्क: हिंदू धर्म में पर्व त्योहारों को विशेष महत्व दिया जाता है वही फाल्गुन मास की पूर्णिमा से शुरू हुआ होल का त्योहार चैत्र मास की पंचमी तिथि तक मनाया जाता है इसी पंचमी तिथि को रंगपंचमी के नाम से जाना जाता है श्रीपंचमी के अलावा इसे देव पंचमी भी कहा जाता है क्योंकि इस दिन देवी देवता भी रंगोत्सव मनाते हैं रंगपंचमी का धार्मिक महत्व बहुत अधिक होता हैं पंचांग के अनुसार इस साल होलिका दहन 17मार्च को होगा। इसके अलगे दिन यानी 18 मार्च को होली खेली जाएगी। वहीं इसके पांच दिन बाद यानी 22 मार्च को रंगपंचमी का त्योहार मनाया जाएगा। जानिए रंगपंचमी का शुभ मुहूर्त।
रंगपंचमी का शुभ मुहूर्त—
रंगपंचमी तिथि— 22 मार्च, मंगलवार
चैत्र कृष्ण पक्ष पंचमी तिथि आरंभ— 22 मार्च 2022 मंगलवार सुबह 6 बजकर 24 मिनट से शुरू होगा।
चैत्र कृष्ण पक्ष पंचमी तिथि समाप्त 23 मार्च 2022, बुधवार, सुबह 4 बजकर 21 मिनट तक।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार रंगपचंमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण ने राधा जी के साथ होली खेली थी। इसी कारण इस दिन विधि विधान से राधा कृष्ण का पूजन करने के बाद गुलाल आदि अर्पित करके खेला जाता है इस दिन राधा रानी के बरसाना में मंदिरों में विशेष पूजा करने के बाद हुरियारे अबीर गुलाल उड़ाते हैं। दूसरी पौराणिक कथा के अनुसार होलाष्टक के दिन भगवान शिव ने कामदेव को भस्म कर दिया था। जिसके कारण देवलोक में उदासी छा गई थी। इसके बाद कामदेव की पत्नी देवी रति और देवताओं की प्रार्थना पर कामदेव को दोबारा जीवित क देने का आश्वासन भगवान शिव ने दिया था तो सभी देवी देवता प्रसन्न हो गए और रंगोत्सव मनाने लगे। इसके बाद से ही पंचमी तिथि को रंगपंचमी का त्योहार मनाया जाने लगा।
रंगपचंमी का बेहद महत्व होता है इस दिन रंगों से नहीं बल्कि गुलाल से होली खेली जाती है इस दिन हुरियारे गुलाल उड़ाते हैं रंग पंचमी के दिन वातावरण में गुलाल उड़ाना शुभ होता है इस दिन देवी देवता भी पृथ्वी पर आ जाते हैं और वह मनुष्य के साथ गुलाल खेलते हैं मान्यता है कि हवा में ड़ने वाली अबीर गुलाल के संपर्क में जो लोग आ जाते हैं उस मनुष्य को हर तरह के पापों से छुटकारा मिल जाता है और शरीर में सकारात्मकता का प्रवाह बढ़ जाता हैं।