चिल्का झील में मोती ठगी का वीडियो वायरल, पर्यटकों को नकली मोती दिखाकर लालच देने का आरोप
ओडिशा की प्रसिद्ध चिल्का झील से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पर्यटकों को कथित रूप से असली मोती के नाम पर ठगी किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह झील भारत की सबसे बड़ी खारे पानी की झीलों में से एक मानी जाती है और हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक यहां घूमने आते हैं।
वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि एक नाविक पर्यटकों को सीप से मोती निकालने का नाटक करता है और उन्हें यह विश्वास दिलाता है कि वे असली और मूल्यवान मोती हैं। वीडियो में वह व्यक्ति सीप खोलकर उसमें से मोती निकालने जैसा प्रदर्शन करता हुआ दिखाई देता है और फिर पर्यटकों को इसे “सरकारी रेट” या कम कीमत में खरीदने का लालच देता है।
नकली मोतियों का खेल?
इस पूरे मामले में एक महिला पर्यटक ने खुलासा किया है कि इस तरह दिखाए जाने वाले मोती असल में नकली होते हैं। उनके अनुसार, पहले से तैयार किए गए मोतियों को सीप के अंदर चिपका दिया जाता है और फिर उसे खोलकर “अचानक निकला मोती” बताकर पर्यटकों को प्रभावित किया जाता है।
महिला का कहना है कि इस तरीके से कई बार पर्यटकों को भ्रमित कर उनसे अधिक पैसे वसूले जाते हैं, क्योंकि उन्हें यह विश्वास दिलाया जाता है कि यह प्राकृतिक रूप से निकला असली मोती है जिसकी बाजार में अच्छी कीमत मिलती है।
पर्यटकों को बनाया जाता है निशाना
चिल्का झील जैसे पर्यटन स्थलों पर स्थानीय नाविकों और कुछ दलालों द्वारा इस तरह की गतिविधियों की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं। पर्यटकों को नाव यात्रा के दौरान आकर्षित करने के लिए इस तरह के “लाइव मोती निकालने” के शो दिखाए जाने का दावा किया जाता है, जिससे कई लोग भ्रमित हो जाते हैं।
पर्यटन विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मामलों में अनजान पर्यटक आसानी से विश्वास कर लेते हैं, खासकर जब उन्हें प्राकृतिक प्रक्रिया जैसा नाटक दिखाया जाता है।
सोशल मीडिया पर नाराजगी
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। कई यूजर्स ने इस तरह की गतिविधियों को पर्यटकों के साथ धोखा बताया है और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। कुछ लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों से भारत के पर्यटन स्थलों की छवि भी प्रभावित होती है।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
पर्यटन से जुड़े जानकारों और स्थानीय लोगों ने मांग की है कि इस तरह की ठगी पर रोक लगाने के लिए सख्त निगरानी व्यवस्था लागू की जाए। साथ ही पर्यटकों को पहले से जागरूक करने के लिए सूचना बोर्ड और गाइडलाइन भी जारी की जानी चाहिए, ताकि वे किसी भी तरह के धोखे से बच सकें।