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ईरान के साथ सीजफायर पर बातचीत की कोशिश में ट्रम्प टीम, वीडियो में देंखे शर्तों पर बना गतिरोध

 

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की टीम ईरान के साथ जारी तनाव को कम करने और संभावित सीजफायर पर बातचीत की दिशा में सक्रिय हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रम्प के करीबी सलाहकार जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ इस पहल में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इस संबंध में जानकारी एक्सियोस की एक रिपोर्ट में सामने आई है।

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रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच फिलहाल सीधी बातचीत नहीं हो रही है, लेकिन पर्दे के पीछे कूटनीतिक प्रयास तेज हो गए हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को कम करना और किसी प्रकार का अस्थायी युद्धविराम सुनिश्चित करना है। हालांकि, इस दिशा में अभी कई अड़चनें बनी हुई हैं।

ईरान ने बातचीत के लिए कुछ कड़ी शर्तें रखी हैं। तेहरान का साफ कहना है कि किसी भी प्रकार की वार्ता शुरू करने से पहले युद्ध को पूरी तरह रोका जाए। इसके साथ ही ईरान ने हालिया हमलों में हुए नुकसान के लिए मुआवजे की मांग भी रखी है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि जब तक उनके देश को हुए नुकसान की भरपाई नहीं की जाती, तब तक आगे की बातचीत संभव नहीं है।

इसके अलावा, ईरान ने सुरक्षा की ठोस गारंटी की भी मांग की है। उसका कहना है कि भविष्य में उस पर दोबारा किसी तरह का हमला नहीं होगा, इसकी पक्की और लिखित गारंटी दी जानी चाहिए। ईरान का यह रुख अमेरिका के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है।

दूसरी ओर, ट्रम्प ने स्पष्ट कर दिया है कि वह ईरान की सभी शर्तों को मानने के पक्ष में नहीं हैं। खासकर मुआवजे की मांग को लेकर उनकी आपत्ति है। ट्रम्प का मानना है कि इस तरह की शर्तें बातचीत की प्रक्रिया को जटिल बना सकती हैं और इससे समझौते तक पहुंचना मुश्किल हो जाएगा।

कूटनीतिक सूत्रों के अनुसार, दोनों देशों के बीच संवाद की कमी के चलते स्थिति और अधिक संवेदनशील बनी हुई है। ऐसे में कुछ अन्य देश मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। मिस्र, कतर और ब्रिटेन इस पूरे मामले में अहम भूमिका निभा रहे हैं और दोनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित कराने की कोशिश कर रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर दोनों पक्ष कुछ मुद्दों पर लचीलापन दिखाते हैं, तो सीजफायर की दिशा में प्रगति संभव हो सकती है। फिलहाल, सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या अमेरिका और ईरान के बीच यह कूटनीतिक प्रयास किसी ठोस नतीजे तक पहुंच पाते हैं या नहीं।