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जयपुर मेट्रो फेज-2 को केंद्र सरकार की मंजूरी, 13,037 करोड़ रुपये की परियोजना से शहर को मिलेगी नई रफ्तार

 

जयपुर के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। केंद्र सरकार ने लंबे समय से प्रतीक्षित जयपुर मेट्रो के फेज-2 को मंजूरी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की कुल अनुमानित लागत 13,037.66 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस फैसले के बाद राजधानी में शहरी परिवहन व्यवस्था के विस्तार और आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, इस परियोजना का उद्देश्य जयपुर में लगातार बढ़ते यातायात दबाव को कम करना और नागरिकों को तेज, सुरक्षित एवं सुलभ सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है। फेज-2 के तहत मेट्रो नेटवर्क का विस्तार शहर के नए और प्रमुख रूटों तक किया जाएगा, जिससे आवागमन और अधिक सुगम हो सकेगा। इसके पूरा होने के बाद यात्रियों को लंबे जाम और समय की बर्बादी से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने के बाद अब परियोजना के क्रियान्वयन की प्रक्रिया को तेज करने की तैयारी शुरू हो गई है। राज्य सरकार और संबंधित विभाग जल्द ही विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) के आधार पर आगे की तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाएंगे। निर्माण कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया और एजेंसियों के चयन की तैयारी भी शुरू की जाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि जयपुर मेट्रो का यह विस्तार न केवल शहर की यातायात व्यवस्था को मजबूत करेगा, बल्कि यह जयपुर को एक आधुनिक और स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने में भी अहम भूमिका निभाएगा। इससे पर्यावरणीय प्रदूषण में कमी आने की भी संभावना जताई जा रही है, क्योंकि अधिक लोग निजी वाहनों की जगह मेट्रो को प्राथमिकता देंगे।

इस परियोजना से रोजगार के नए अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है। निर्माण कार्य के दौरान हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। इसके अलावा, मेट्रो रूट के आसपास के क्षेत्रों में रियल एस्टेट और व्यापारिक गतिविधियों में भी तेजी आने की संभावना है।

भारत सरकार के इस निर्णय का स्थानीय लोगों और व्यवसायिक संगठनों ने स्वागत किया है। नागरिकों का कहना है कि यह कदम शहर की बढ़ती आबादी और ट्रैफिक समस्या के समाधान की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण है। खासकर रोजाना यात्रा करने वाले कर्मचारी, छात्र और व्यापारी वर्ग इस परियोजना से सबसे अधिक लाभान्वित होंगे।

फिलहाल अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि परियोजना का निर्माण कार्य कितनी तेजी से शुरू होता है और इसे कब तक पूरा किया जाता है। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले वर्षों में यह प्रोजेक्ट जयपुर की परिवहन व्यवस्था को एक नई पहचान देगा।

इस मंजूरी के साथ ही जयपुर के विकास को एक नई गति मिलने जा रही है और शहर आधुनिक शहरी ढांचे की ओर एक और मजबूत कदम बढ़ा चुका है।