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भारत पहुंचे गैस और कच्चे तेल से लदे जहाज, फुटेज में देंखे होर्मुज मार्ग के बीच सप्लाई जारी

 

ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अमेरिका के टेक्सास से लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) लेकर एक कार्गो शिप रविवार को मेंगलुरु पोर्ट पर पहुंच गया। इसके अलावा, रूस से भी एक जहाज कच्चा तेल लेकर भारत पहुंचा है। पिछले सात दिनों के भीतर करीब पांच जहाज गैस और कच्चा तेल लेकर समुद्री मार्ग से भारत पहुंचे हैं, जो देश की ऊर्जा जरूरतों के लिए अहम माने जा रहे हैं।

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इससे पहले 18 मार्च को क्रूड ऑयल टैंकर ‘जग लाडकी’ गुजरात स्थित अडाणी पोर्ट्स पर पहुंचा था। इसके अलावा, दो अन्य एलपीजी कैरियर ‘MT शिवालिक’ और ‘MT नंदा देवी’ भी 16 और 17 मार्च को भारत पहुंचे थे। इन दोनों जहाजों ने मिलकर करीब 92,712 मीट्रिक टन गैस की आपूर्ति की, जिससे देश में एलपीजी स्टॉक को मजबूत करने में मदद मिली है।

हालांकि, इन जहाजों की आवाजाही ऐसे समय में हो रही है जब वैश्विक समुद्री मार्गों पर तनाव बना हुआ है। ये तीनों जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते होकर भारत पहुंचे, जो दुनिया के सबसे व्यस्त और संवेदनशील तेल परिवहन मार्गों में से एक माना जाता है। इस क्षेत्र में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण जहाजों की आवाजाही पर लगातार नजर रखी जा रही है।

फारस की खाड़ी क्षेत्र में स्थिति अब भी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फारस की खाड़ी में इस समय करीब 22 भारतीय जहाज फंसे हुए हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि इन सभी जहाजों और उनके चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित बताई जा रही है। भारतीय अधिकारियों और संबंधित एजेंसियां इन जहाजों की निगरानी कर रही हैं और हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए इस तरह की आपूर्ति बेहद महत्वपूर्ण है। खासकर ऐसे समय में जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल और गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है और समुद्री मार्गों पर जोखिम बढ़ा हुआ है।

सरकार और तेल कंपनियां वैकल्पिक आपूर्ति मार्गों और स्रोतों पर भी विचार कर रही हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा किया जा सके। फिलहाल, लगातार आ रहे जहाजों से यह संकेत मिल रहा है कि चुनौतियों के बावजूद भारत की ऊर्जा सप्लाई चेन बनी हुई है और उसे बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।