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सांगानेर स्टेशन का होगा कायाकल्प, 100 साल पुराने हेरिटेज स्वरूप की जगह बनेगा हाईटेक रेलवे स्टेशन

 

जयपुर के रेलवे नेटवर्क में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। जयपुर जंक्शन, खातीपुरा और गांधीनगर स्टेशनों के बाद अब सांगानेर रेलवे स्टेशन को भी आधुनिक स्वरूप में विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना के तहत 100 साल से अधिक पुराने हेरिटेज ढांचे को संरक्षित करते हुए स्टेशन को हाईटेक सुविधाओं से लैस किया जाएगा।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस पुनर्विकास योजना का उद्देश्य यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराना और स्टेशन को आधुनिक परिवहन प्रणाली के अनुरूप बनाना है। सांगानेर स्टेशन का यह रूपांतरण न केवल यात्री सुविधाओं को बढ़ाएगा, बल्कि क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को भी मजबूत करेगा।

योजना के तहत स्टेशन पर अत्याधुनिक प्रतीक्षालय, डिजिटल सूचना प्रणाली, बेहतर प्लेटफॉर्म, एस्केलेटर, लिफ्ट और विस्तृत पार्किंग जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को भी हाईटेक तकनीक से सुसज्जित किया जाएगा, जिसमें सीसीटीवी निगरानी और स्मार्ट एंट्री सिस्टम शामिल होंगे।

अधिकारियों का कहना है कि स्टेशन के ऐतिहासिक स्वरूप को पूरी तरह नष्ट नहीं किया जाएगा, बल्कि उसके हेरिटेज तत्वों को संरक्षित रखते हुए आधुनिक संरचना के साथ जोड़ा जाएगा। इससे पुरानी और नई वास्तुकला का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।

सांगानेर स्टेशन के आसपास के क्षेत्र में भी विकास कार्यों की योजना बनाई गई है, जिससे स्थानीय व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। सांगानेर पहले से ही अपने हस्तशिल्प और सांस्कृतिक पहचान के लिए प्रसिद्ध है, ऐसे में स्टेशन का आधुनिकीकरण क्षेत्र की पहचान को और मजबूत करेगा।

रेलवे परियोजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, पुनर्विकास कार्य चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा ताकि रेल संचालन पर कोई असर न पड़े। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्य को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाया जाएगा।

स्थानीय लोगों और यात्रियों ने इस पहल का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इससे यात्रा अनुभव अधिक सुविधाजनक और आधुनिक बनेगा।

कुल मिलाकर, सांगानेर रेलवे स्टेशन का यह पुनर्विकास जयपुर के रेल ढांचे को नई दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है, जिससे यह स्टेशन आने वाले समय में एक आधुनिक और हेरिटेज मिश्रित स्वरूप में नजर आएगा।