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वीडियो में देंखे ईरान हमले से पहले चीन में सोशल मीडिया पर अमेरिकी सैन्य तैयारियों की तस्वीरें वायरल

 

28 फरवरी को ईरान पर मिसाइल हमले से पहले ही चीनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर संकेत मिलने लगे थे कि अमेरिका कोई बड़ा सैन्य अभियान करने की तैयारी में है। इंटरनेट पर अमेरिकी सैन्य तैयारियों से जुड़ी सैटेलाइट तस्वीरें तेजी से वायरल होने लगीं, जिनमें रनवे पर खड़े लड़ाकू विमान, रेगिस्तानी एयरफील्ड पर उतरते ट्रांसपोर्ट प्लेन और भूमध्यसागर में किसी विमानवाहक पोत के डेक पर तैनात फाइटर जेट दिखाई दे रहे थे।

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विशेषज्ञों का कहना है कि इन तस्वीरों में असामान्य रूप से बहुत अधिक जानकारी दी गई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तस्वीरों में अलग-अलग विमानों के नाम स्पष्ट रूप से दिखाए गए थे, मिसाइल रक्षा सिस्टम को चिन्हित किया गया था और सैनिकों की तैनाती को सटीक लोकेशन के साथ दर्शाया गया था।

हाईलाइट यह है कि इस जानकारी को केवल सार्वजनिक रूप से दिखाया नहीं गया, बल्कि इसे अंग्रेजी में नहीं बल्कि मंदारिन (चीनी भाषा) में पोस्ट किया गया था। इसका उद्देश्य माना जा रहा है कि चीन के भीतर और उसके भाषी उपयोगकर्ताओं तक यह जानकारी सीधे पहुंचाई जाए, ताकि अमेरिकी सैन्य तैयारियों के प्रति चेतावनी और जागरूकता पैदा की जा सके।

सैटेलाइट तस्वीरों और विश्लेषण से यह भी स्पष्ट हुआ कि अमेरिकी सेना ने ईरान और मध्य पूर्व में अपनी रणनीति को अंतिम रूप दे दिया था। तस्वीरों में रनवे पर खड़े विभिन्न प्रकार के लड़ाकू विमानों की पहचान की जा सकती थी, साथ ही मिसाइल लॉन्चिंग सिस्टम, राडार इकाइयों और अन्य सैन्य उपकरणों की स्थिति को भी स्पष्ट रूप से देखा जा सकता था।

विशेषज्ञों का मानना है कि इन तस्वीरों के वायरल होने से पहले से ही मध्य पूर्व और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में अमेरिका के संभावित हमले की चर्चा तेज़ हो गई थी। इस घटना ने वैश्विक सुरक्षा पर ध्यान आकर्षित किया और कई देशों के सुरक्षा विश्लेषकों को सतर्क कर दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह पहली बार नहीं है जब किसी देश के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दूसरे देश की सैन्य तैयारियों की इतनी विस्तृत जानकारी सामने आई हो। हालांकि, इस बार यह मामला चीन और अमेरिका के बीच सूचना युद्ध और कूटनीतिक रणनीति के संदर्भ में खास माना जा रहा है।

विश्लेषकों का कहना है कि इस प्रकार की तस्वीरें केवल सैन्य स्थिति ही नहीं दिखातीं, बल्कि यह संकेत देती हैं कि डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया अब आधुनिक युद्ध और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का अहम हिस्सा बन गए हैं। इन तस्वीरों ने न केवल आम नागरिकों में जागरूकता बढ़ाई, बल्कि वैश्विक सैन्य विशेषज्ञों और सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी महत्वपूर्ण डेटा प्रदान किया।

इस तरह, 28 फरवरी से पहले चीनी सोशल मीडिया पर वायरल हुई अमेरिकी सैन्य तैयारियों की तस्वीरों ने मध्य पूर्व में तनाव और वैश्विक सुरक्षा चर्चाओं को और बढ़ा दिया।