×

जोधपुर में ‘डिजिटल अरेस्ट’ का बड़ा मामला: 75 वर्षीय महिला से 1.85 करोड़ की ठगी, 6 दिन तक झांसे में रखा

 

जोधपुर में साइबर ठगी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां 75 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला को ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर साइबर ठगों ने 1 करोड़ 85 लाख रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने महिला को करीब छह दिन तक अपने झांसे में रखा और लगातार डराकर उसके बैंक खाते से रकम ट्रांसफर करवाते रहे।

जानकारी के अनुसार, ठगों ने खुद को सरकारी एजेंसी और पुलिस अधिकारी बताकर महिला को फोन किया। उन्होंने महिला को बताया कि वह एक गंभीर मामले में फंसी हुई है और उसे ‘डिजिटल अरेस्ट’ किया जा रहा है। ठगों ने गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई का भय दिखाकर महिला को पूरी तरह मानसिक दबाव में ले लिया।

इस दौरान ठगों ने महिला को किसी से संपर्क नहीं करने की चेतावनी दी और लगातार निगरानी में रखा। डर के कारण महिला ठगों के निर्देशों का पालन करती रही और अपने बैंक खाते से अलग-अलग किस्तों में कुल 1.85 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। इतना ही नहीं, ठग लगातार महिला को और पैसे भेजने के लिए भी धमका रहे थे।

बताया जा रहा है कि महिला करीब छह दिन तक इस तथाकथित ‘डिजिटल अरेस्ट’ की स्थिति में रही। इस दौरान वह ठगों के संपर्क में रही और पूरी तरह भय के माहौल में रही।

मामले का खुलासा तब हुआ जब बैंक अधिकारियों को महिला के खाते से लगातार बड़ी रकम ट्रांसफर होने पर संदेह हुआ। बैंक ने तुरंत सतर्कता दिखाते हुए महिला से संपर्क किया और पूरे मामले की जानकारी ली। इसके बाद महिला को समझाया गया कि वह साइबर ठगी का शिकार हो रही है और उसे ठगों के चंगुल से बाहर निकाला गया।

इसके बाद मामले की सूचना साइबर पुलिस को दी गई, जिसने जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब ठगों के मोबाइल नंबर, बैंक खातों और अन्य डिजिटल सबूतों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।

गौरतलब है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), बैंक और साइबर पुलिस लगातार लोगों को डिजिटल ठगी और ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे फ्रॉड से सावधान रहने की चेतावनी देते रहते हैं। लोगों से अपील की जाती है कि किसी भी संदिग्ध कॉल या पैसे की मांग पर तुरंत पुलिस या बैंक से संपर्क करें।

विशेषज्ञों का कहना है कि ‘डिजिटल अरेस्ट’ पूरी तरह से साइबर ठगों द्वारा अपनाया गया फर्जी तरीका है। कोई भी सरकारी एजेंसी या पुलिस इस तरह फोन या वीडियो कॉल के जरिए किसी को गिरफ्तार नहीं करती।

पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे इस तरह की कॉल से सतर्क रहें और किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर पैसे ट्रांसफर न करें। साथ ही, ऐसे मामलों की तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाने में सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।